US-Iran War: मध्य-पूर्व में जारी युद्ध अब समुद्र की लहरों तक पहुँच गया है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी ने उस वक्त खतरनाक मोड़ ले लिया, जब ईरान ने भूमध्य सागर और हिंद महासागर के रणनीतिक क्षेत्र में तैनात अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के गौरव, यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने का दावा किया। ईरान द्वारा जारी एक कथित वीडियो में मिसाइलों को अमेरिकी विमान वाहक पोत की ओर बढ़ते और भीषण प्रहार करते देखा जा रहा है। इस हमले के साथ ही तेहरान ने वाशिंगटन को अपनी सैन्य संप्रभुता को लेकर अंतिम चेतावनी जारी कर दी है।
नौसेना प्रमुख की सीधी धमकी: “मिसाइल रेंज में आते ही करेंगे ध्वस्त”
ईरानी नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल शहराम ईरानी ने इस हमले के बाद एक बेहद आक्रामक बयान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरानी नौसेना का राडार सिस्टम और निगरानी तंत्र चौबीसों घंटे यूएसएस अब्राहम लिंकन की हर हरकत पर पैनी नजर रखे हुए है। एडमिरल ने चेतावनी देते हुए कहा, “जैसे ही यह युद्धपोत हमारे मिसाइल सिस्टम की मारक क्षमता के दायरे में आएगा, हमारी नौसेना इस पर ऐसा कुचल देने वाला हमला करेगी जिसे इतिहास याद रखेगा।” ईरान का यह रुख दर्शाता है कि वह अब केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक मुद्रा में है।
ट्रंप के शांति प्रस्ताव के बीच बढ़ता सैन्य दबाव
दिलचस्प बात यह है कि यह हमला और धमकी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 15 सूत्री शांति समझौता भेजा है। एक तरफ जहाँ कूटनीतिक बातचीत के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिकों और विध्वंसक युद्धपोतों की तैनाती बढ़ा दी है। ईरान ने इस सैन्य जमावड़े को उकसावे की कार्रवाई बताते हुए कहा है कि वह किसी भी शत्रुतापूर्ण गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा। ईरानी कमांडर के अनुसार, उनकी भूमि, समुद्री सीमा और संप्रभुता की रक्षा के लिए सेना का हर जवान बलिदान देने को तैयार है।
अत्याधुनिक मिसाइल तकनीक: “दुश्मन हमारी क्षमता को कम न आंके”
एडमिरल शहराम ईरानी ने अमेरिका को आगाह किया कि वे ईरान की इच्छाशक्ति और उसकी सैन्य शक्ति का गलत आकलन करने की भूल न करें। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना अब उन अत्याधुनिक लंबी दूरी की मिसाइलों और तटीय हमले वाले हथियारों से लैस है, जो पलक झपकते ही किसी भी बड़े से बड़े कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को समुद्र में डुबो सकती हैं। ईरान का कहना है कि अब्राहम लिंकन जैसे विशाल जहाज उनके लिए केवल एक बड़ा लक्ष्य हैं, जिन्हें निशाना बनाना उनकी मिसाइल प्रणाली के लिए बेहद आसान है।
दावों और खंडन का दौर: वाशिंगटन की चुप्पी पर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर हमले का दावा किया है। इससे पहले भी ईरान ने कई बार अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है, हालांकि पेंटागन अक्सर इन दावों को खारिज करता रहा है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि ईरान इस तरह के बयानों और वीडियो के जरिए ट्रंप प्रशासन को यह संदेश देना चाहता है कि वह क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य प्रभुत्व को चुनौती देने में सक्षम है। तेहरान की ओर से यह भी कहा गया है कि उनके पास अमेरिका के हर हमले का ‘मुंहतोड़ जवाब’ तैयार है।
निष्कर्ष: एकजुट ईरान और वैश्विक स्थिरता पर खतरा
ईरानी नौसेना प्रमुख ने अपने संबोधन का समापन राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश और सेना एक इकाई के रूप में अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए एकजुट है। ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरान को कमजोर करने की कोशिशों के बीच, यह ताजा हमला वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। यदि यह तनाव और बढ़ता है, तो हिंद महासागर और हॉर्मुज क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों का आवागमन पूरी तरह ठप हो सकता है, जिसका सीधा असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
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