Iran-US War: ईरान ने अमेरिकी सैन्य जहाज को बनाया निशाना; मिडिल ईस्ट में महायुद्ध का अलर्ट, क्या शुरू होगा तीसरा विश्व युद्ध?

28 मार्च 2026 की दोपहर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे एक अमेरिकी विध्वंसक (Destroyer) पर 'सुसाइड ड्रोन' से हमला किया। पेंटागन ने हमले की पुष्टि करते हुए इसे 'अक्षम्य' बताया है। इस घटना के बाद मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सेना को 'फुल कॉम्बैट मोड' पर रखा गया है।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 28, 2026

Iran-US War: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब एक अत्यंत विनाशकारी और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। 28 मार्च, 2026 को ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने सीधे अमेरिकी सैन्य संसाधनों को निशाना बनाकर युद्ध की विभीषिका को और तेज कर दिया है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने ओमान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सलालाह बंदरगाह के पास एक अमेरिकी लॉजिस्टिक सपोर्ट जहाज पर हमला करने की आधिकारिक पुष्टि की है। यह हमला दर्शाता है कि अब संघर्ष केवल क्षेत्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों तक फैल चुका है।

ओमान के पास अमेरिकी लॉजिस्टिक जहाज को बनाया निशाना

ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने सरकारी टेलीविजन पर एक विशेष संबोधन में इस हमले का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि ईरानी बलों ने ओमान के सलालाह बंदरगाह के निकट एक अमेरिकी जहाज को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। ईरान का दावा है कि यह जहाज अमेरिकी सेना के लिए रसद (लॉजिस्टिक्स), हथियार और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य उपकरण ले जा रहा था। इस हमले ने न केवल लाल सागर बल्कि ओमान की खाड़ी में भी अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है।

ईरानी शहरों पर हवाई हमले: लोरेस्तान और जंजन में मची तबाही

समुद्री मोर्चे पर जारी संघर्ष के बीच ईरान के भीतर भी स्थिति अत्यंत भयावह बनी हुई है। शनिवार को प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए जवाबी हवाई हमलों में ईरान के कई रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान पहुँचा है। पश्चिमी प्रांत लोरेस्तान के बोरुजेर्द शहर में हुए भीषण धमाकों में कम से कम 7 नागरिकों की मौत हो गई और 36 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी तरह, उत्तर-पश्चिमी शहर जंजन में भी मिसाइल हमलों में 5 लोगों की जान चली गई है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 1,200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, हालांकि मलबे में दबे लोगों को देखते हुए यह आंकड़ा कहीं अधिक होने की आशंका है।

सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेसपर मिसाइल प्रहार

ईरान ने अपनी सैन्य आक्रामकता का विस्तार करते हुए पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को भी चुनौती देना शुरू कर दिया है। ईरान द्वारा सऊदी अरब में स्थित ‘प्रिंस सुल्तान एयर बेस’ पर ड्रोन और मिसाइलों से समन्वित हमला किया गया। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, इस हमले में 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से दो की स्थिति नाजुक बनी हुई है। यह हमला इस बात का प्रमाण है कि ईरान अब सीधे तौर पर उन ठिकानों को निशाना बना रहा है जहाँ से अमेरिका अपने सैन्य अभियानों को संचालित कर रहा है, जिससे पड़ोसी अरब देशों के भी इस युद्ध में खिंचने की संभावना बढ़ गई है।

डोनाल्ड ट्रंप का बयान: अभियान बेहतरीन ढंग से आगे बढ़ रहा है

इस भीषण तनाव और बढ़ती हिंसा के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक संक्षिप्त पोस्ट में लिखा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान ‘बेहतरीन ढंग से’ (Moving Along Great) आगे बढ़ रहा है। हालांकि, राष्ट्रपति ने आगामी सैन्य रणनीतियों या हताहत हुए अमेरिकी सैनिकों के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। व्हाइट हाउस के इस रुख से स्पष्ट है कि अमेरिका फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं है और आने वाले दिनों में जवाबी कार्रवाइयां और अधिक तीव्र हो सकती हैं।

वैश्विक स्थिरता पर संकट: तेल की कीमतों और सुरक्षा की चिंता

ईरान और अमेरिका के बीच इस सीधी भिड़ंत ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ओमान की खाड़ी और लाल सागर में जहाजों पर हमले जारी रहे, तो कच्चे तेल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार संयम बरतने की अपील कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत एक बड़े क्षेत्रीय महायुद्ध की ओर इशारा कर रही है। अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीति इस आग को शांत कर पाएगी या यह संघर्ष तीसरे विश्व युद्ध की आहट साबित होगा।

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