Iran Attacks: हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई, कई देशों को बनाया निशाना

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए बड़े सैन्य हमले के बाद मध्य-पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर हैं और कई जगह युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।

Iran Attacks

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 1, 2026

Iran Attacks: 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले किए। अमेरिका ने इस अभियान को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया, जबकि इज़रायल ने इसे लायन्स रोर कहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान करार दिया। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, हमलों के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के कार्यालय के आसपास के इलाकों को भी निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई के बाद पूरे मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया।

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ईरान की जवाबी कार्रवाई

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हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई

हमले के बाद ईरान ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। कतर, बहरीन, जॉर्डन, इराक, आबू धाबी, दुबई और संयुक्त अरब अमीरात के अन्य हिस्सों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरान ने दावा किया कि उसका अभियान अमेरिकी और इज़रायली ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बनाने पर केंद्रित है।

इज़रायल में आपात स्थिति

ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका को देखते हुए इज़रायल में सायरन बजाए गए। नागरिकों को शेल्टर में जाने के निर्देश दिए गए। गाजा में हालिया तनाव और असफल शांति प्रयासों के बाद इज़रायल में फिर से आपात स्थिति जैसा माहौल बन गया है। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

क्षेत्रीय और वैश्विक असर

यह सैन्य टकराव व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है। इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग और कूटनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है। कई देशों ने संयम बरतने और तत्काल युद्धविराम की अपील की है। स्थिति तेजी से बदल रही है और दोनों पक्षों की ओर से लगातार बयान और सैन्य गतिविधियां सामने आ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बढ़ते संघर्ष पर टिकी हुई है।

हवाई सेवाओं पर असर

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। एयर इंडिया ने सुरक्षा कारणों से इस क्षेत्र के लिए अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। कंपनी ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कहा कि हालात सामान्य होने तक सेवाएं निलंबित रहेंगी। इससे पहले खाड़ी देशों और सीरिया ने भी अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका के चलते यह कदम उठाया गया।

एयरस्पेस बंद होने से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रूट बदलने या रद्द करने की स्थिति पैदा हो गई है। तुर्किश एयरलाइंस ने भी मध्य-पूर्व के लिए अपनी उड़ानों को 2 मार्च तक स्थगित कर दिया है। एयरलाइन ने बयान जारी कर कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और सुरक्षा आकलन के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

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