Iran Approves Strait Of Hormuz Plan: होर्मुज जलडमरूमध्य बना ईरान का ‘टोल प्लाजा’, समंदर पर कब्जे के तेहरान के फैसले से दुनिया में खलबली

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना नियंत्रण मजबूत करते हुए जहाजों पर टोल टैक्स वसूलने के नए कानून को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत अमेरिकी और इजरायली जहाजों के गुजरने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। तेहरान के इस आक्रामक कदम से वैश्विक तेल बाजार और सप्लाई चेन में भारी संकट खड़ा हो सकता है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 31, 2026

Iran Approves Strait Of Hormuz Plan: ईरान और पश्चिम के बीच जारी तनाव के बीच वह बात सच साबित हो गई है जिसका पूरी दुनिया को डर था। ईरान की संसद की सुरक्षा समिति ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) के लिए एक नई प्रबंधन योजना को हरी झंडी दे दी है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस नए कानून के तहत अब इस संकरे समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसूला जाएगा। इसके साथ ही कुछ खास देशों पर कड़े प्रतिबंध लगाने का भी प्रस्ताव पास किया गया है। ईरान के इस कदम का सीधा मतलब यह है कि उसने दुनिया के इस सबसे अहम तेल व्यापार मार्ग पर अपने एकाधिकार को और ज्यादा मजबूत कर लिया है।

नए कानून से उपजा संकट

ईरानी मीडिया के अनुसार, इस नए नियम में जहाजों के लिए रियाल (ईरानी मुद्रा) आधारित टोल सिस्टम लागू किया गया है। इस योजना में समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जलमार्ग से गुजरने के नए वित्तीय कायदे-कानून तय किए गए हैं। सबसे चौंकाने वाला फैसला यह है कि इस कानून के तहत अमेरिकी और इजरायली जहाजों के गुजरने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इतना ही नहीं, यह प्रतिबंध उन देशों पर भी लागू होगा जो ईरान पर एकतरफा आर्थिक पाबंदियां लगाते हैं। इस कानून के जरिए ईरान ने ओमान के साथ मिलकर इस जलडमरूमध्य के प्रबंधन के लिए एक नया कानूनी ढांचा तैयार करने की बात कही है।

वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहराया खतरा

ईरान का यह आक्रामक कदम ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिकी-इजरायली गठबंधन के बीच जंग लगातार जारी है। तेहरान की ओर से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऑयल रूट (तेल मार्ग) पर नियंत्रण बढ़ाने की इस कोशिश ने पूरी दुनिया की सांसें अटका दी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार के जानकारों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का यह एकछत्र राज वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों के लिए एक बहुत बड़ा झटका साबित हो सकता है।

अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर अमेरिका हुआ लाचार

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका अब तक इस रणनीतिक जलमार्ग को स्वतंत्र रखने में विफल साबित हुआ है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ‘फॉक्स न्यूज’ से बातचीत में स्वीकार किया कि विभिन्न देश फिलहाल सुरक्षित निकलने के लिए ईरानी शासन के साथ अलग-अलग समझौते कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि वाशिंगटन जल्द ही अपनी या बहुराष्ट्रीय सेना के एस्कॉर्ट (सुरक्षा घेरे) के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर से नियंत्रण स्थापित कर लेगा ताकि जहाजों की आवाजाही को बिना किसी बाधा के सुनिश्चित किया जा सके।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर दी खुली धमकी

ईरान की इस मनमानी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत ‘व्यापार के लिए’ नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने से नहीं हिचकिचाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समझौता न होने की स्थिति में अमेरिका ईरान के सभी बिजली संयंत्रों, तेल के कुओं और खार्ग द्वीप (Kharg Island) को पूरी तरह से नष्ट कर देगा।