IPL से हटेगा Impact Player Rule? BCCI ने फ्रेंचाइजियों से मांगी राय, बढ़ी हलचल

IPL के सबसे चर्चित Impact Player Rule पर BCCI ने सभी 10 फ्रेंचाइजियों से राय मांगी है। 31 अगस्त तक फीडबैक देने को कहा गया। नियम को लेकर कप्तानों और खिलाड़ियों की आपत्तियां पहले भी सामने आई थीं। अब सवाल है कि क्या IPL 2027 से Impact Player Rule की विदाई होगी?

IPL Impact Player Rule

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 31, 2026

Impact Player Rule : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में इम्पैक्ट प्लेयर नियम को पहली बार 2023 सीजन में लागू किया गया था। शुरुआत से ही यह नियम चर्चा और विवाद का विषय बना रहा है। हर सीजन में इसके फायदे और नुकसान को लेकर बहस होती रही है। अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस नियम की दोबारा समीक्षा करने का फैसला किया है। बोर्ड ने IPL की सभी 10 फ्रेंचाइजी से इस व्यवस्था को लेकर उनकी राय और सुझाव मांगे हैं।

सभी फ्रेंचाइजी से मांगी गई रिपोर्ट

क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, सभी 10 टीमों को सोमवार, 31 अगस्त तक इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर अपनी रिपोर्ट बीसीसीआई को सौंपनी है। फ्रेंचाइजी से नियम के प्रभाव, इसकी उपयोगिता और इसमें संभावित बदलाव को लेकर विचार मांगे गए हैं। इसके बाद बोर्ड टीमों की राय के आधार पर इस नियम के भविष्य पर चर्चा कर सकता है।

IPL 2026 में फिर उठा नियम पर सवाल

इम्पैक्ट प्लेयर नियम को IPL 2026 के दौरान भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस सीजन में टीमों ने बड़ी संख्या में 200 से ज्यादा रन के स्कोर बनाए, जिसके बाद इस नियम को लेकर बहस और तेज हो गई। आलोचकों का मानना है कि अतिरिक्त खिलाड़ी के इस्तेमाल से बल्लेबाजी टीमों को ज्यादा गहराई मिलती है और इससे गेंदबाजों के लिए मुकाबला कठिन हो जाता है। इसी वजह से इसे कई बार गेंदबाज विरोधी नियम भी कहा गया है।

BCCI सचिव ने किया था नियम का समर्थन

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया पहले इम्पैक्ट प्लेयर नियम का समर्थन कर चुके हैं। उनका तर्क रहा है कि इस नियम के बावजूद कई मुकाबले कम स्कोर वाले और रोमांचक रहे हैं। उनके मुताबिक, प्रशंसकों ने ऐसे मैचों का भी आनंद लिया है और गेंदबाजों को विकेट हासिल करने के पर्याप्त अवसर मिलते रहे हैं। हालांकि, अब बोर्ड द्वारा फ्रेंचाइजी से राय मांगने के फैसले ने इस व्यवस्था के भविष्य को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

कई बड़े खिलाड़ियों ने जताई थी नाराजगी

इम्पैक्ट प्लेयर नियम का विरोध करने वाले खिलाड़ियों की सूची में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नाम शामिल रहे हैं। रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पांड्या और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी सार्वजनिक रूप से इस नियम को लेकर अपनी असहमति जता चुके हैं। उनका मानना है कि इससे टीम संयोजन और खेल के संतुलन पर असर पड़ सकता है। गेंदबाजों के लिए भी अतिरिक्त बल्लेबाजी विकल्प चुनौती पैदा कर सकता है।

नियम के तहत कैसे चुना जाता है खिलाड़ी

इम्पैक्ट प्लेयर नियम के तहत टॉस से पहले दोनों टीमें पांच वैकल्पिक खिलाड़ियों की सूची देती हैं। मैच के दौरान इन खिलाड़ियों में से किसी एक को इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। किसी विकेट के गिरने, ओवर पूरा होने या पारी समाप्त होने जैसे निर्धारित अवसरों पर टीम बदलाव कर सकती है। इस व्यवस्था ने टीमों को रणनीति बनाने के लिए एक अतिरिक्त विकल्प दिया है।

बदला हुआ खिलाड़ी फिर नहीं खेल सकता

जब कोई इम्पैक्ट प्लेयर मैदान में आकर किसी खिलाड़ी की जगह लेता है, तो बाहर गया खिलाड़ी दोबारा उसी मुकाबले में हिस्सा नहीं ले सकता। इस तरह टीम को मैच के दौरान एक अतिरिक्त खिलाड़ी का इस्तेमाल करने का रणनीतिक फायदा मिलता है। खासतौर पर बल्लेबाजी टीमों ने इस नियम का बड़े पैमाने पर उपयोग किया है।

दूसरे मुद्दों पर भी BCCI की नजर

इम्पैक्ट प्लेयर के अलावा बीसीसीआई प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया (PMOA), अंपायरिंग, अभ्यास सत्र और प्लेइंग कंडीशंस जैसे कई विषयों पर भी विचार कर रहा है। हालांकि, इन सभी मुद्दों में इम्पैक्ट प्लेयर नियम को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बोर्ड की समीक्षा के बाद इसके जारी रहने, बदलाव होने या हटाए जाने को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।

अब फ्रेंचाइजी की राय से तय होगा भविष्य

पिछले साल बीसीसीआई की ओर से संकेत मिले थे कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम को कम से कम एक और साल जारी रखा जा सकता है। लेकिन अब सभी टीमों से औपचारिक राय मांगे जाने के बाद स्थिति बदलती नजर आ रही है। फ्रेंचाइजी की रिपोर्ट मिलने के बाद बोर्ड इस नियम के असर का आकलन करेगा। इसके बाद IPL में इम्पैक्ट प्लेयर का भविष्य तय करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

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