IPL 2027: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का सफर बेहद निराशाजनक अंदाज में समाप्त हो गया है। टूर्नामेंट के अपने आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण लीग मैच में चेन्नई को गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ 89 रनों की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इस करारी हार के साथ ही टीम की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें पूरी तरह टूट गईं। इस पूरे सीजन में क्रिकेट फैंस के लिए सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि महान विकेटकीपर बल्लेबाज एमएस धोनी एक भी मैच में चेन्नई की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं रहे।
आईपीएल के इतिहास में यह पहला मौका था जब धोनी लीग स्टेज के किसी भी मुकाबले में मैदान पर बल्लेबाजी या कीपिंग करते नहीं दिखे। इस सीजन के खत्म होते ही अब करोड़ों फैंस के जेहन में यही बड़ा सवाल कौंध रहा है कि क्या धोनी आईपीएल 2027 में खेलते हुए दिखाई देंगे? गुजरात के खिलाफ मैच के बाद चेन्नई के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ से जब धोनी के भविष्य को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्थिति स्पष्ट की।
एमएस धोनी के आईपीएल भविष्य पर कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ का बयान
चेन्नई सुपर किंग्स के युवा कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में एमएस धोनी के संन्यास और अगले सीजन में खेलने को लेकर खुलकर बात की। गायकवाड़ ने कहा, “थाला (धनी) अगले साल आईपीएल 2027 में खेलेंगे या नहीं, इस बारे में आपको और मुझे, हम दोनों को ही अगले साल सही समय पर पता चलेगा। इस पूरे सीजन में मैदान पर और ड्रेसिंग रूम में हमें उनकी कमी बहुत ज्यादा खली।”
कप्तान ने धोनी की अहमियत बताते हुए आगे कहा कि धोनी आखिरी के ओवरों में आकर सिर्फ क्रीज पर खड़े रहकर ही विरोधी टीम पर मानसिक दबाव बना देते हैं और मैच का पासा पलट सकते हैं। अगले सीजन की रणनीतियों के बारे में अभी निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन फिलहाल हमारे पास जो भी खिलाड़ी मौजूद हैं, हम उनके प्रदर्शन से खुश हैं।
अंतिम मुकाबले में मिली करारी हार पर कप्तान ने व्यक्त की निराशा
गुजरात टाइटंस के खिलाफ करो या मरो वाले मुकाबले में मिली बड़ी हार पर कप्तान गायकवाड़ ने गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी टीम नॉकआउट चरण (प्लेऑफ) में जगह बनाने की उम्मीदों को हर हाल में जिंदा रखना चाहती थी। इसके लिए टीम की योजना जल्दी विकेट चटकाकर मैच को अपने पक्ष में करने की थी, ताकि नेट रन रेट को भी बेहतर किया जा सके। हालांकि, टीम मैदान पर अपनी इस योजना को अमलीजामा पहनाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई और मैच गंवा बैठी।
खिलाड़ियों की लगातार चोटों ने आईपीएल 2026 में बढ़ाई सीएसके की मुश्किलें
कप्तान गायकवाड़ ने गुजरात के खिलाफ मिली इस एकतरफा हार के लिए अपनी टीम के बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को समान रूप से जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मैच का विश्लेषण करते हुए कहा कि शुरुआत में विकेट थोड़ा नरम था और गेंद उतनी टर्न नहीं हो रही थी, जिसका फायदा उठाकर गुजरात के बल्लेबाजों ने बेहद आक्रामक शुरुआत की। पावरप्ले के शुरुआती छह ओवरों में हमारी गेंदबाजी का स्तर अच्छा नहीं था, जिसके कारण उनके सलामी बल्लेबाजों को रनों की रफ्तार रोकने में हमें काफी मुश्किल हुई। हमारे पास एक समय गुजरात को 200 रन से कम के स्कोर पर रोकने का अच्छा मौका था, लेकिन मध्यक्रम के ओवरों में ढीली गेंदबाजी के कारण हम ऐसा नहीं कर पाए।
रामकृष्ण घोष और ओवरटन के बाहर होने से बिगड़ा चेन्नई का संतुलन
गायकवाड़ ने पूरे सीजन की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि शुरुआती मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद उनकी टीम ने टूर्नामेंट के मध्य में अच्छी लय हासिल कर ली थी। टीम लगातार मुकाबले जीत रही थी, लेकिन ठीक उसी समय प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों ने टीम प्रबंधन की परेशानी को दोगुना कर दिया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “हमारे लिए यह एक बेहद मुश्किल और उतार-चढ़ाव से भरा सीजन रहा है।
लगातार तीन मैच हारने के बाद हमने अपनी सही लेंथ और लाइन पकड़कर लय हासिल की थी, लेकिन चोटों ने हमारा पूरा गणित बिगाड़ दिया। रामकृष्ण घोष और क्रेग ओवरटन जैसे मुख्य खिलाड़ियों के चोटिल होकर बाहर होने से हमारी टीम का संतुलन पूरी तरह से खराब हो गया। स्थिति यह थी कि पिछले तीन महत्वपूर्ण मैचों में हमारे पास रणनीतिक रूप से एक विशेषज्ञ बल्लेबाज या मुख्य गेंदबाज की भारी कमी साफ तौर पर खल रही थी।”
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