IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन कई फ्रेंचाइजी टीमों के खेमे में चिंता की लहर दौड़ गई है। इस बार आईपीएल के 19वें सीजन से पहले विदेशी खिलाड़ियों, खासकर ऑस्ट्रेलियाई दिग्गजों की उपलब्धता को लेकर बड़ा सस्पेंस बना हुआ है। दिल्ली कैपिटल्स (DC) इस वक्त सबसे ज्यादा दबाव में नजर आ रही है, क्योंकि उनके सबसे प्रमुख तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क के शुरुआती मैचों में खेलने पर तलवार लटक रही है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) अपने प्रमुख गेंदबाजों के वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर काफी सख्त रुख अपना रहा है, जिसका सीधा असर आईपीएल की तैयारियों पर पड़ रहा है।
मिचेल स्टार्क और NOC का पेच: मैनेजमेंट का बयान
दिल्ली कैपिटल्स के स्टार पेसर मिचेल स्टार्क को अभी तक क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) प्राप्त नहीं हुआ है। टीम के नवनियुक्त हेड कोच हेमंग बदानी ने इस स्थिति पर स्पष्टता देते हुए कहा कि टीम प्रबंधन लगातार ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड के संपर्क में है। बदानी ने स्वीकार किया कि जब तक आधिकारिक तौर पर NOC नहीं मिल जाता, तब तक स्टार्क की उपलब्धता के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। वहीं, टीम के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट वेणुगोपाल राव ने भी स्टार्क की फिटनेस को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने माना कि स्टार्क टीम का अहम हिस्सा हैं, लेकिन उनकी मौजूदा शारीरिक स्थिति बोर्ड के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
दिल्ली के लिए क्यों जरूरी हैं स्टार्क?
मिचेल स्टार्क दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ माने जाते हैं। पिछले सीजन (IPL 2025) में उन्होंने अपनी घातक गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों को खूब परेशान किया था। उन्होंने 11 मैचों में 14 महत्वपूर्ण विकेट झटके थे और वह टीम के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज रहे थे। इसी शानदार प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली ने उन्हें 11.75 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि में रिटेन किया था। टीम के कप्तान अक्षर पटेल को हालांकि अब भी उम्मीद है कि 1 अप्रैल से पहले स्टार्क को मंजूरी मिल जाएगी। पटेल का मानना है कि स्टार्क की जगह टी. नटराजन जैसे सटीक विकल्प को ढूंढना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता।
लखनऊ के खिलाफ अभियान की शुरुआत और अन्य ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का हाल
दिल्ली कैपिटल्स अपने आईपीएल 2026 अभियान का पहला मैच 1 अप्रैल को लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ इकाना स्टेडियम में खेलेगी। लेकिन स्टार्क अकेले ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं जो अपनी टीम को अधर में छोड़ रहे हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के जोश हेजलवुड और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के पैट कमिंस भी शुरुआती कुछ मुकाबलों से बाहर रहने वाले हैं। कमिंस की अनुपस्थिति में हैदराबाद की कप्तानी की जिम्मेदारी ईशान किशन को सौंपी गई है। इसके अलावा, जैक एडवर्ड्स और नाथन एलिस जैसे खिलाड़ी चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो चुके हैं, जिसने टूर्नामेंट के रोमांच पर थोड़ा असर डाला है।
वर्कलोड मैनेजमेंट बनाम आईपीएल का रोमांच
जैसे-जैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का कैलेंडर व्यस्त होता जा रहा है, क्रिकेट बोर्ड अपने खिलाड़ियों को चोटों से बचाने के लिए आईपीएल जैसे टी20 लीगों में उनके खेलने के समय को नियंत्रित कर रहे हैं। मिचेल स्टार्क जैसे अनुभवी खिलाड़ी के लिए यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। अब क्रिकेट फैंस और दिल्ली कैपिटल्स के प्रबंधन की नजरें 1 अप्रैल की समयसीमा पर टिकी हैं। यदि स्टार्क समय पर नहीं जुड़ते हैं, तो दिल्ली को अपनी गेंदबाजी रणनीति में बड़ा बदलाव करना पड़ सकता है।
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