महंगाई का दबाव: रिटेल महंगाई बढ़ी, खाने-पीने की चीजों की कीमतें हुईं ऊंची

नई दिल्ली  देश में महंगाई के मोर्चे पर मार्च महीने में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में खुदरा महंगाई दर (CPI) बढ़कर 3.40% हो गई, जो फरवरी में 3.21% थी। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी इसका प्रमुख कारण रही। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्रामीण महंगाई दर 3.63% रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह अपेक्षाकृत कम 3.11% दर्ज की गई। खाद्य महंगाई में भी इजाफा देखने को मिला। Consumer Food Price Index (CFPI) के अनुसार, मार्च में खाद्य

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Published On :

अप्रैल 13, 2026

नई दिल्ली

 देश में महंगाई के मोर्चे पर मार्च महीने में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में खुदरा महंगाई दर (CPI) बढ़कर 3.40% हो गई, जो फरवरी में 3.21% थी। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी इसका प्रमुख कारण रही।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्रामीण महंगाई दर 3.63% रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह अपेक्षाकृत कम 3.11% दर्ज की गई।

खाद्य महंगाई में भी इजाफा देखने को मिला। Consumer Food Price Index (CFPI) के अनुसार, मार्च में खाद्य महंगाई दर 3.87% रही। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 3.96% और शहरी इलाकों में 3.71% दर्ज की गई, जो यह दर्शाता है कि गांवों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों का दबाव ज्यादा बना हुआ है।

वहीं, आवास क्षेत्र में महंगाई अपेक्षाकृत नियंत्रित रही। मार्च 2026 में हाउसिंग इंफ्लेशन 2.11% आंकी गई। इसमें ग्रामीण आवास महंगाई 2.54% और शहरी आवास महंगाई 1.95% रही।

विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में उतार-चढ़ाव आने वाले महीनों में महंगाई की दिशा तय करेगा। फिलहाल महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के तय लक्ष्य दायरे के भीतर बनी हुई है, जिससे नीतिगत स्तर पर राहत की स्थिति बनी हुई है।

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