इंदौर: आबकारी विभाग ने 1.75 करोड़ रुपये की बीयर की 2.23 लाख लीटर नष्ट की, तीन दिन तक चला अभियान

इंदौर  इंदौर जिले के सिमरोल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मेमदीग्राम में आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग द्वारा निर्धारित नियमों और मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए विभिन्न ब्रांडों की एक्सपायर हो चुकी बीयर को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जन स्वास्थ्य की रक्षा करना और बाजार में असुरक्षित सामग्री की आपूर्ति को रोकना था। यहां स्थित माउण्ट एवरेस्ट ब्रेवरीज लिमिटेड में यह सभी विभिन्न ब्रांड्स की बीयर बनाई गई थी। लाखों लीटर बीयर और करोड़ों का नुकसान नष्ट की गई बीयर की मात्रा और उसकी

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Published On :

जनवरी 15, 2026

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इंदौर 

इंदौर जिले के सिमरोल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मेमदीग्राम में आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग द्वारा निर्धारित नियमों और मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए विभिन्न ब्रांडों की एक्सपायर हो चुकी बीयर को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जन स्वास्थ्य की रक्षा करना और बाजार में असुरक्षित सामग्री की आपूर्ति को रोकना था। यहां स्थित माउण्ट एवरेस्ट ब्रेवरीज लिमिटेड में यह सभी विभिन्न ब्रांड्स की बीयर बनाई गई थी।

लाखों लीटर बीयर और करोड़ों का नुकसान
नष्ट की गई बीयर की मात्रा और उसकी कीमत काफी अधिक है। जानकारी के अनुसार कुल 23154 पेटियों में भरी हुई 2 लाख 23 हजार 316 लीटर बीयर को नष्ट किया गया है। यदि इसके डिस्टलरी मूल्य की बात करें तो इसकी कीमत लगभग पौने 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह पूरी प्रक्रिया उपायुक्त आबकारी संजय तिवारी की अध्यक्षता में गठित एक विशेष समिति की देखरेख में पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई ताकि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन न हो।

समय पर डिमांड न मिलने से खराब हुआ स्टॉक
सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी ने इस मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि माउण्ट एवरेस्ट ब्रेवरीज द्वारा यह बीयर मध्य प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली, असम और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सप्लाई करने के लिए तैयार की गई थी। हालांकि, संबंधित राज्यों से समय पर मांग प्राप्त नहीं होने के कारण इस स्टॉक को निश्चित समय सीमा के भीतर भेजा या निर्यात नहीं किया जा सका। निर्माण तिथि से 6 माह की अवधि बीत जाने के बाद इकाई प्रभारी ने स्वयं आबकारी विभाग को इसकी सूचना दी थी।

तीन दिन तक चली नष्टीकरण की प्रक्रिया
आबकारी विभाग ने इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत स्टॉक के सत्यापन और गणना की प्रक्रिया शुरू की। जन स्वास्थ्य और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए पिछले तीन दिनों से लगातार नष्टीकरण की कार्यवाही की जा रही थी। बीयर को नष्ट करने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया गया। बोतलों में भरी बीयर को बहाकर नष्ट किया गया, जबकि केन में भरी बीयर को बुलडोजर और जेसीबी मशीनों की मदद से कुचल दिया गया। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी की गई। 

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