इंदौर के मेयर और पार्षद ने नल का पानी पीकर जताया विश्वास, भागीरथपुरा में दूषित पानी से 24 की मौत, 16 मरीज अस्पताल में

इंदौर  इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। आईसीयू में एडमिट 6 मरीजों में से 1 को वार्ड में रेफर किया गया है, जबकि तीन मरीज लंबे समय से वेंटिलेटर पर ही हैं। वार्ड में 11 मरीज एडमिट हैं। इनके सहित अभी 16 मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा।  मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने भागीरथपुरा क्षेत्र में जलप्रदाय की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान नर्मदा जलप्रदाय के दौरान नल से ग्लास में पानी भरकर स्वयं पीकर उसकी गुणवत्ता की जांच की। उनके साथ क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने भी पानी

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Published On :

जनवरी 17, 2026

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इंदौर 

इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। आईसीयू में एडमिट 6 मरीजों में से 1 को वार्ड में रेफर किया गया है, जबकि तीन मरीज लंबे समय से वेंटिलेटर पर ही हैं। वार्ड में 11 मरीज एडमिट हैं। इनके सहित अभी 16 मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा। 

मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने भागीरथपुरा क्षेत्र में जलप्रदाय की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान नर्मदा जलप्रदाय के दौरान नल से ग्लास में पानी भरकर स्वयं पीकर उसकी गुणवत्ता की जांच की। उनके साथ क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने भी पानी पीकर लोगों को विश्वास हासिल करने का प्रयास किया।

इस दौरान मेयर ने कहा कि नगर निगम, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा भागीरथपुरा क्षेत्र में विगत दिनों से लगातार राहत एवं सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। इनमें क्षेत्र के नागरिकों का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में जलप्रदाय कर लगातार जल के सैंपल लिए गए। इस दौरान सभी आवश्यक जांच और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की गई।

30% हिस्से में जल सुरक्षित

सभी जांचों में जल सुरक्षित पाए जाने के बाद शुक्रवार को भागीरथपुरा क्षेत्र के लगभग 30% हिस्से में, जिसमें लगभग 15 हजार की आबादी है, नर्मदा जलप्रदाय को पुनः प्रारंभ किया गया है। मेयर ने भागीरथपुरा क्षेत्र के नागरिकों से अपील की कि जलप्रदाय प्रारम्भ होने के बाद भी सावधानी के तौर पर पानी को उबालकर ही उपयोग में लें।

साथ ही नगर निगम, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पूर्ण रूप से पालन करें। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की समस्या या असुविधा उत्पन्न होती है तो लोग तत्काल नगर निगम या जिला प्रशासन को सूचित करें, ताकि समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके।

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