Indonesia Earthquake and Tsunami: इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में गुरुवार, 2 अप्रैल तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। टेर्नेंट शहर और आसपास के क्षेत्र के लोग अचानक हुए भूकंप से दहशत में आ गए और अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इस भूकंप की तीव्रता 7.4 मापी। भूकंप का केंद्र मोलुक्का सागर में 35 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप के झटकों के बाद प्रशासन ने सुनामी का अलर्ट जारी किया।
सुनामी का अलर्ट और तबाही
अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के कारण इंडोनेशियाई जलक्षेत्र में सुनामी की लहरें उठीं। इन लहरों के कारण कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई घर तथा इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं। उत्तरी सुलावेसी के मिनाहासा जिले में एक 70 वर्षीय महिला की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ। आपदा प्रबंधन एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि वे समुद्र तट और तटीय क्षेत्रों में तब तक न लौटें जब तक अधिकारी स्थिति सामान्य घोषित न कर दें।
मुख्य और अन्य झटके
मुख्य भूकंप के बाद कम से कम दो और झटके महसूस किए गए। हालांकि ये झटके मुख्य भूकंप से दूर थे, फिर भी लोगों में भय और सतर्कता बनी रही। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी तरह के जोखिम से बचने की सलाह दी।
इंडोनेशिया की भूकंपीय संवेदनशीलता
इंडोनेशिया 28 करोड़ से अधिक लोगों का विशाल द्वीपसमूह है और यह प्रमुख भूकंपीय फॉल्ट पर स्थित है। यही वजह है कि देश नियमित रूप से भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोटों से प्रभावित होता रहता है। पिछले वर्षों में कई भूकंप और सुनामी की घटनाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया।
2022 में पश्चिम जावा के सियानजुर शहर में आए 5.6 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 602 लोग मारे गए थे। इसके पहले 2018 में सुलावेसी में भूकंप और सुनामी के कारण 4,300 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। 2004 में हिंद महासागर में आए शक्तिशाली भूकंप के चलते सुनामी आई थी, जिसमें 12 देशों में 2,30,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकांश इंडोनेशिया के आचे प्रांत के निवासी थे।
लोगों से सुरक्षा और सतर्कता की अपील
स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि भूकंप और सुनामी जैसी आपदाओं के दौरान लोगों को सतर्क रहना चाहिए। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर जाएं और केवल आधिकारिक घोषणा के बाद ही अपने घर लौटें। अधिकारियों ने कहा कि आपदा प्रबंधन के उपायों का पालन करने से नुकसान को कम किया जा सकता है।










