Delhi Airport: शनिवार की सुबह दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट के रनवे नंबर-28 पर उस समय हड़कंप मच गया, जब विशाखापट्टनम से आ रहे इंडिगो के एक विमान ने तकनीकी खराबी की सूचना दी। अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पूर्ण आपातकालीन प्रक्रिया (Full Emergency) लागू कर दी।
रनवे नंबर-28 पर पूर्ण आपातकाल
जैसे ही पायलट ने विमान के इंजन में संभावित खराबी या फेल होने की जानकारी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को दी, एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तुरंत रनवे-28 पर आपातकालीन प्रोटोकॉल (Emergency Protocol) सक्रिय कर दिया। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए रनवे को पूरी तरह खाली करा लिया गया। दमकल की गाड़ियां, एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को रनवे के चारों ओर तैनात कर दिया गया। एयरपोर्ट पर सुरक्षा और बचाव सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया ताकि विमान की लैंडिंग के दौरान अगर कोई चिंगारी या आग जैसी स्थिति बने, तो उसे तुरंत नियंत्रित किया जा सके।
पायलट की सूझबूझ से सुरक्षित उतरा विमान
विशाखापट्टनम से दिल्ली की उड़ान भरने वाले इस विमान में सवार यात्री उस वक्त सहम गए जब उन्हें लैंडिंग से ठीक पहले तकनीकी समस्या का पता चला। हालांकि, पायलट ने धैर्य का परिचय देते हुए एटीसी के साथ तालमेल बिठाया। योजनाबद्ध तरीके से विमान को रनवे-28 की ओर मोड़ा गया। कुछ मिनटों के भारी तनाव के बाद, फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिंग (Safe Landing) संपन्न हुई। गनीमत रही कि टचडाउन के समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और विमान में सवार सभी यात्री व चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। हालांकि, इस तकनीकी गड़बड़ी पर अभी तक इंडिगो एयरलाइंस या एटीसी की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
एविएशन सेक्टर में बढ़ती आपातकालीन स्थितियां
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इंडिगो के इस विमान के इंजन में अचानक खराबी आई थी, जिसके कारण विमान को एक इंजन के सहारे या कम शक्ति पर लैंड करना पड़ा। विमान के इंजन में खराबी (Engine Failure/Glitch) की खबरें हाल के दिनों में चिंता का विषय बनी हुई हैं। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि रनवे-28 जैसे व्यस्ततम रास्तों पर ऐसी इमरजेंसी लैंडिंग कराना काफी चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट की ग्राउंड टीम और पायलट के बीच सटीक संचार ने सैकड़ों जिंदगियों को बचा लिया।
कोलकाता एयरपोर्ट पर टर्किश एयरलाइंस की इमरजेंसी लैंडिंग का जिक्र
दिल्ली की इस घटना ने पिछले महीने कोलकाता में हुई एक वैसी ही भयावह घटना की यादें ताजा कर दी हैं। 4 फरवरी को टर्किश एयरलाइंस के विमान (Turkish Airlines Flight) को कोलकाता हवाई अड्डे पर आपात स्थिति में उतरना पड़ा था। उस समय पायलट ने सूचना दी थी कि विमान के दाहिने इंजन में आग लग गई है। इस्तांबुल जा रही उस फ्लाइट में 236 लोग सवार थे। नेपाल के काठमांडू से उड़ान भरने के मात्र चार मिनट बाद ही इंजन ने काम करना बंद कर दिया था। उस वक्त भी विमान लंबी दूरी तय करने की स्थिति में नहीं था, जिसके बाद उसे डायवर्ट कर सुरक्षित उतारा गया था।
यात्रियों की सुरक्षा और एटीसी का प्रोटोकॉल
दिल्ली एयरपोर्ट पर शनिवार को लागू की गई पूर्ण आपातकाल प्रक्रिया (Full Emergency Procedure) यह दर्शाती है कि सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन कितना मुस्तैद है। रनवे-28 को खाली कराना और एम्बुलेंस की कतारें खड़ी करना इसी मानक प्रक्रिया का हिस्सा है। फिलहाल विमान को तकनीकी जांच के लिए हैंगर में भेज दिया गया है। यात्रियों ने सुरक्षित जमीन पर उतरने के बाद राहत की सांस ली। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि उड़ान के दौरान सुरक्षा जांच और विमानों का नियमित रखरखाव कितना अनिवार्य है।









