तरंगशक्ति-2026 में दिखेगा भारत का दम, 18 देशों के सैन्य पर्यवेक्षक रहेंगे मौजूद

जयपुर भारतीय वायुसेना का मेगा मल्टीलेटरल युद्धाभ्यास तरंगशक्ति का दूसरा संस्करण ‘तरंगशक्ति-2026’ सितंबर से राजस्थान के जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर शुरू होगा। यह अभ्यास केवल लड़ाकू विमानों की उड़ान तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता, रणनीतिक साझेदारी और स्वदेशी रक्षा तकनीक का वैश्विक प्रदर्शन भी बनेगा। खास बात यह है कि मई 2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय वायुसेना की ओर से पाकिस्तान के एयरबेस पर की गई कार्रवाई के बाद यह पहला बड़ा बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास होगा। इसमें अमरीका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, ग्रीस, सिंगापुर, बांग्लादेश और श्रीलंका अपने-अपने लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट

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Published On :

अगस्त 15, 2026

जयपुर
भारतीय वायुसेना का मेगा मल्टीलेटरल युद्धाभ्यास तरंगशक्ति का दूसरा संस्करण ‘तरंगशक्ति-2026’ सितंबर से राजस्थान के जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर शुरू होगा। यह अभ्यास केवल लड़ाकू विमानों की उड़ान तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता, रणनीतिक साझेदारी और स्वदेशी रक्षा तकनीक का वैश्विक प्रदर्शन भी बनेगा। खास बात यह है कि मई 2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय वायुसेना की ओर से पाकिस्तान के एयरबेस पर की गई कार्रवाई के बाद यह पहला बड़ा बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास होगा।

इसमें अमरीका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, ग्रीस, सिंगापुर, बांग्लादेश और श्रीलंका अपने-अपने लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर के साथ भाग लेंगे। 18 देशों के सैन्य पर्यवेक्षक भी मौजूद रहेंगे। भारत ने 51 देशों को आमंत्रित किया है, जिसमें से अधिकांश ने सहमति दी है। यह युद्धाभ्यास एक पखवाड़े का होगा, जो सितंबर अंत से लेकर अक्टूबर तक चलेगा। मानसून जाने के बाद जोधपुर का आसमान एकदम साफ होने की वजह से फ्लाइंग के लिए बेहतरीन माना जाता है। तरंगशक्ति का पहला संस्करण वर्ष 2024 में अगस्त-सितंबर में तमिलनाडु और जोधपुर में हुआ था।

डिफेंस एक्सपो सहित कई कार्यक्रम होंगे
युद्धाभ्यास में डिफेंस एक्सपो सहित कई कार्यक्रम होंगे, जिसमें एक दूसरे देश की सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन होगा। नई वार टेक्नोलॉजी का भी प्रदर्शन किया जाएगा। भारत भी स्वदेशी तकनीक को दूसरे देशों को बताएगा ताकि डिफेंस सामग्री के लिए मार्केट मिल सके। इसके अलावा युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना के विमान अलग-अलग मैन्युवर में प्रदर्शन करेंगे। सूर्यकिरण टीम 9 हॉक विमानों के साथ भाग लेगी। सारंग हेलीकॉप्टर टीम के भी शामिल होने की संभावना है।

इन लड़ाकू विमानों के शामिल होने की संभावना
    ऑस्ट्रेलिया से एफ-18
    बांग्लादेश से सी-130 ट्रांसपोर्ट जहाज
    ग्रीस से एफ-16 लड़ाकू विमान
    यूएई से एफ-16 व अवॉक्स
    अमरीका से एफ-16, ए-10, एफआरए
    सिंगापुर से सी-130
    जापान एयरफोर्स के लड़ाकू विमान
    यूएई से एफ-16

भारतीय वायुसेना के ये विमान होंगे शामिल
तेजस, राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, जगुआर, मिग-29, एलसीएच प्रचंड हेलीकॉप्टर, एएलएच मार्क-4 रुद्र हेलीकॉप्टर, सी-130, आईएल-78, अवॉक्स।

सभी देशों की एयरफोर्स ऐसे करेगी युद्धाभ्यास

  • विद इन विजुअल रेंज (WVR) कॉम्बेट मिशन।
  • बियोंड विजुअल रेंज कॉम्बेट (बीवीआर) मिशन।
  • लार्ज फोर्स एंगेजमेंट (एलएफई)।
  • एयर मोबिलिटी ऑपरेशन।
  • लॉ लाइट ऑपरेशन।
  • डायनेमिक टारगेटिंग।
  • एयर टू एयर रिफ्यूलिंग मिशन।
  • कॉम्बेट सर्च एण्ड रेस्क्यू।
  • हाई वेल्यू एरियल एसेट प्रोटेक्शन एंड बस्टिंग।