रक्षा सहयोग पर भारत की सक्रियता, राजनाथ सिंह ने किर्गिस्तान-बेलारूस संग की द्विपक्षीय वार्ता

नई दिल्ली शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कई अहम द्विपक्षीय मुलाकातें कीं। इस दौरान उन्होंने किर्गिस्तान के रक्षा मंत्री मेजर जनरल मुकाम्बेतोव रुसलान मुस्तफायेविच के साथ विस्तृत बातचीत की। राजनाथ सिंह ने बेलारूस के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनिन के साथ भी महत्वपूर्ण बैठक की। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन की यह बैठक आयोजित की गई है। यहां विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात में बातचीत का फोकस क्षेत्रीय सुरक्षा, सैन्य सहयोग और आपसी संबंधों को और मजबूत करना रहा। उन्होंने किर्गिस्तान के रक्षा मंत्री से मुलाकात

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Published On :

अप्रैल 28, 2026

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नई दिल्ली

शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कई अहम द्विपक्षीय मुलाकातें कीं। इस दौरान उन्होंने किर्गिस्तान के रक्षा मंत्री मेजर जनरल मुकाम्बेतोव रुसलान मुस्तफायेविच के साथ विस्तृत बातचीत की। राजनाथ सिंह ने बेलारूस के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनिन के साथ भी महत्वपूर्ण बैठक की। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन की यह बैठक आयोजित की गई है। यहां विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात में बातचीत का फोकस क्षेत्रीय सुरक्षा, सैन्य सहयोग और आपसी संबंधों को और मजबूत करना रहा। उन्होंने किर्गिस्तान के रक्षा मंत्री से मुलाकात के बाद कहा कि यह बैठक बेहद उपयोगी और सार्थक रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और किर्गिस्तान गणराज्य के बीच रणनीतिक साझेदारी है, जो लोकतंत्र, विकास, संस्कृति और समृद्ध विरासत जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भारत, किर्गिस्तान के साथ अपने संबंधों को बेहद महत्व देता है और इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। दरअसल, दोनों देशों के बीच सहयोग कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। 
इसमें रक्षा सहयोग एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभर कर सामने आया है। इस दौरान सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
इसके अलावा, राजनाथ सिंह ने बेलारूस के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनिन के साथ भी महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा कि बेलारूस के रक्षा मंत्री से मिलकर उन्हें खुशी हुई और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर सार्थक बातचीत हुई। इस बैठक में भारत और बेलारूस के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा की गई। विशेष रूप से सैन्य उपकरण, तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण व रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

इन सभी बैठकों से यह साफ संकेत मिलता है कि भारत शंघाई सहयोग संगठन के मंच का उपयोग करते हुए अपने मित्र देशों के साथ रक्षा और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। इससे पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यहां रूस व चीन के रक्षा मंत्रियों से भी मुलाकात व बातचीत की।
रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव के साथ मुलाकात के बाद राजनाथ सिंह ने इस बातचीत को बेहतरीन और सार्थक बताया। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं।

माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। खास तौर पर रक्षा सहयोग, सैन्य तकनीक और संयुक्त परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में मंगलवार को ही रक्षामंत्री राजनाथ सिंह व चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुन के बीच भी एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। दोनों देशों के रक्षामंत्रियों ने यहां क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी सहयोग पर चर्चा की। 

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