India Nuclear Missiles: भारत की लगातार मजबूत होती सैन्य और रणनीतिक ताकत ने पड़ोसी देश पाकिस्तान की रातों की नींद उड़ा दी है। भारतीय सेना की बढ़ती क्षमताओं से घबराए पाकिस्तान ने अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खुलकर अपनी बेचैनी का इजहार करना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान के एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने भारत के लंबी दूरी के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों को आगाह किया है और इस मामले में वैश्विक दखल की गुहार लगाई है। पाकिस्तानी अधिकारी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में रक्षा क्षेत्र पर नजर रखने वाले एक वैश्विक थिंक टैंक ने भारत द्वारा 12 परमाणु हथियारों को ऑपरेशनल मोड (तुरंत हमले के लिए तैयार) में तैनात किए जाने का बड़ा खुलासा किया है।
‘चीन-पाक ही नहीं, पश्चिमी देशों की राजधानियां भी निशाने पर’
इस्लामाबाद स्थित ‘सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिक स्टडीज’ (CISS) द्वारा पाकिस्तान के परमाणु हथियार कार्यक्रम पर आयोजित एक सेमिनार के दौरान यह घबराहट साफ देखने को मिली। इस सेमिनार में पाकिस्तान की नेशनल कमांड अथॉरिटी (NCA) के सलाहकार और सेवानिवृत्त जनरल मजहर जमील ने भारत के मिसाइल आधुनिकीकरण पर उंगली उठाई। उन्होंने दावा किया कि भारत का लंबी दूरी की मिसाइलों को विकसित करने का यह कार्यक्रम केवल दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उसकी वैश्विक महात्वाकांक्षाओं को दर्शाता है।
रिटायर्ड जनरल जमील ने पश्चिमी देशों को डराने की रणनीति अपनाते हुए कहा कि भारत की अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) प्रणालियों का मुख्य उद्देश्य सिर्फ पाकिस्तान या चीन को निशाना बनाना नहीं है। बल्कि, भारत खुद को एक ऐसी वैश्विक परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है, जो भविष्य में प्रमुख पश्चिमी देशों की राजधानियों को भी सीधे चुनौती देने की क्षमता रखेगी। उन्होंने वैश्विक ताकतों और पश्चिमी सरकारों से अपील की कि वे भारत के इस आक्रामक सैन्य आधुनिकीकरण पर तुरंत ध्यान दें और इसमें हस्तक्षेप करें।
सिपरी (SIPRI) की रिपोर्ट ने बढ़ाई बेचैनी
पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञों और जनरलों की इस बौखलाहट के पीछे वैश्विक थिंक टैंक ‘स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट’ (SIPRI) की हालिया रणनीतिक रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट ने दोनों देशों के बीच शक्ति संतुलन की एक नई तस्वीर पेश की है, जिसने पाकिस्तान को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। सिपरी की रिपोर्ट के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं, रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अपनी सैन्य रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए अपने 12 परमाणु हथियारों को ‘ऑपरेशनली’ तैनात कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि ये मिसाइलें और परमाणु बम तुरंत हमले के लिए पूरी तरह तैयार स्थिति में हैं।
इससे पहले तक भारत की रणनीति के तहत परमाणु हथियारों (Warheads) को सुरक्षित भंडारों (Storage) में अलग रखा जाता था और मिसाइल लॉन्चर्स को अलग। किसी भी आपात स्थिति में इन्हें असेंबल करने में समय लगता था। लेकिन अब भारत ने ‘कनस्तरीकृत’ (Canisterized) मिसाइल प्रणाली अपना ली है, जिसमें हथियार पहले से ही लॉन्चर के अंदर फिट रहते हैं।
हथियारों की संख्या में बढ़त
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भारत के पास कुल न्यूक्लियर वेपन्स की संख्या बढ़कर 190 हो चुकी है, जिनमें से 12 को लॉन्चर के साथ बेहद आक्रामक और मुस्तैद स्थिति में तैनात कर दिया गया है। भारत की इसी रणनीतिक बढ़त और त्वरित जवाबी कार्रवाई (First Strike Capability) की क्षमता को देखकर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के सामने मदद की भीख मांग रहा है।










