Indian Students Attacked in Russia: रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य में 7 फरवरी को एक गंभीर घटना हुई जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी। ऊफा स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में 15 वर्षीय एक लड़के ने चाकू से हमला किया। इस हमले में कम से कम छह लोग घायल हुए, जिनमें चार भारतीय छात्र और दो पुलिसकर्मी शामिल हैं। घटना के बाद हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस तुरंत जांच में जुट गई।
हमलावर और संगठन से संबंध
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी लड़के का संबंध एक प्रतिबंधित नियो-नाजी संगठन से था। इस संगठन का नाम “नेशनल सोशलिज्म / व्हाइट पावर (NS/WP) क्रू” है, जिसे “स्पैरो क्रू” भी कहा जाता है। रूस की सुप्रीम कोर्ट ने इसे 2021 में आतंकी संगठन घोषित किया था। यह संगठन पहले भी पत्रकारों पर हमलों के लिए चर्चा में रहा है। हमले के दौरान आरोपी ने राष्ट्रवादी और यहूदी विरोधी नारे लगाए।
हमले का विवरण
रूस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह हमला ऊफा स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में हुआ, जहाँ विदेशी छात्र रहते हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हमले के बाद हॉस्टल में खून फैल गया और छात्रों में भय का माहौल बन गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, छात्रावास की दीवार पर नाजी स्वास्तिक का निशान भी पाया गया, जो कथित रूप से एक पीड़ित के खून से बनाया गया था।
गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई
गृह मंत्रालय की प्रवक्ता मेजर जनरल इरीना वोल्क ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस का विरोध किया। इस दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। आरोपी ने खुद को भी घायल कर लिया और उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घायलों की स्थिति
रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि एक घायल छात्र की हालत गंभीर है, जबकि तीन अन्य छात्रों की स्थिति स्थिर है। पुलिसकर्मियों को भी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जांच और प्रशासनिक कदम
यह घटना ऊफा शहर में हुई, जो मॉस्को से लगभग 1,200 किलोमीटर दूर है। स्थानीय प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने अभी तक हमले के पीछे के असली कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन आरोपी के नियो-नाजी संगठन से संबंधों को देखते हुए यह मामला गंभीर माना जा रहा है।
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