Indian Marriage law Reforms 2026: शादी के सर्टिफिकेट के लिए ‘मेडिकल फिटनेस’ जरूरी? सांसद मालविंदर सिंह कंग की बड़ी मांग

लोकसभा में आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने शादी से पहले लड़कों का डोप और मेडिकल टेस्ट अनिवार्य करने की मांग की, ताकि घर टूटने और घरेलू विवादों को रोका जा सके।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 28, 2026

Indian Marriage law Reforms 2026: आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने लोकसभा में एक अहम मुद्दा उठाया है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि शादी के समय लड़कों के लिए डोप टेस्ट और मेडिकल जांच को अनिवार्य बनाने के लिए कानून बनाया जाए। कंग ने यह मांग सदन में शून्यकाल के दौरान रखी।

टीटी नगर में सीमांकन पूरा, 347 लोगों को दिया अंतिम नोटिस, 100 से ज्यादा झुग्गियां हटाने का आदेश

तलाक और घरेलू हिंसा पर चिंता

कंग ने कहा कि आज समाज में तलाक और घरेलू हिंसा के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जब नया रिश्ता जुड़ता है तो लड़की के बारे में पूरी जांच-पड़ताल की जाती है, लेकिन लड़कों को लेकर उतनी गंभीरता नहीं दिखाई जाती। कई बार शादी के समय लोग नशे की लत, गंभीर बीमारियाँ या आपराधिक प्रवृत्तियाँ छिपा लेते हैं, जिससे बाद में परिवार टूट जाते हैं।

सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश

कंग ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उन्होंने लोकसभा में देश की हर बेटी, बहन और माँ के लिए आवाज़ उठाई है। तलाक और घरेलू हिंसा के कारण परिवार टूट रहे हैं और यह समस्या केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत में परिवारों को प्रभावित कर रही है।

दोहरे रवैये पर सवाल

कंग ने कहा कि समाज में दुल्हन की पढ़ाई-लिखाई, चरित्र और पृष्ठभूमि की पूरी जांच होती है, लेकिन दूल्हे की जांच-पड़ताल अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है। शादी के बाद नशे की आदतें, बीमारियाँ और आपराधिक प्रवृत्तियाँ सामने आती हैं, जो लोगों की जिंदगी बर्बाद कर देती हैं। उन्होंने इसे दोहरे रवैये की संज्ञा दी और कहा कि अब इसे बंद होना चाहिए।

नया कानून बनाने की मांग

कंग ने भारत सरकार और राज्य सरकारों से मांग की कि शादी का सर्टिफिकेट जारी करने से पहले हर दूल्हे के लिए डोप टेस्ट और मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य किया जाए। उनका कहना है कि यह छोटा सा सुधार महिलाओं के लिए बड़ी सुरक्षा साबित होगा और शादी की पवित्रता को बनाए रखने में मदद करेगा।

सांसद मालविंदर सिंह कंग की यह मांग समाज में बढ़ते तलाक और घरेलू हिंसा के मामलों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हो सकती है। उनका मानना है कि शादी से पहले लड़कों की स्वास्थ्य और नशे की जांच अनिवार्य करने से परिवारों को टूटने से बचाया जा सकेगा और महिलाओं को एक सुरक्षित वातावरण मिलेगा।

Jodhpur News: भोलावनी मेले में बवाल, छेड़छाड़ के विरोध पर दो पक्षों में पत्थरबाजी; 4 हिरासत में