Indian Bullet Train: सरकार ने फाइनल किए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, घंटों का सफर अब मिनटों में होगा पूरा

भारत में पहली मुंबई-अहमदाबाद परियोजना के अलावा, केंद्र सरकार ने देश के प्रमुख महानगरों को जोड़ने के लिए 7 नए हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन रूटों को हरी झंडी दे दी है।

Indian Bullet Train

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 20, 2026

Indian Bullet Train: भारत में हाई-स्पीड रेल यानी बुलेट ट्रेन का सपना देख रहे करोड़ों देशवासियों के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक सौगात दी है। देश की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर युद्ध स्तर पर चल रहे काम के बीच, सरकार ने देश के अन्य प्रमुख महानगरों और शहरों को इस हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़ने का बड़ा फैसला किया है।

भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण को एक नई ऊंचाई पर ले जाते हुए सरकार ने देश भर में 7 नए बुलेट ट्रेन रूटों (हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर) की पहचान कर उन्हें सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य देश के सबसे बड़े आर्थिक, औद्योगिक, तकनीकी (Tech Hubs) और धार्मिक-पर्यटन केंद्रों को आपस में तेज रफ्तार कनेक्टिविटी प्रदान करना है।

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ये हैं वो 7 नए बुलेट ट्रेन रूट्स

सरकार द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों को कवर करने के लिए जिन 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की सूची तैयार की गई है, वे इस प्रकार हैं:

मुंबई – पुणे

पुणे – हैदराबाद

हैदराबाद – बेंगलुरु

हैदराबाद – चेन्नई

चेन्नई – बेंगलुरु

दिल्ली – वाराणसी

वाराणसी – सिलीगुड़ी

कैसे शुरू होगा जमीनी काम?

हालांकि, सरकार ने अभी तक इन नए रूटों पर वास्तविक निर्माण कार्य शुरू होने की कोई निश्चित समयसीमा (Timeline) आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की है। रेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इन सभी रूटों पर जमीनी स्तर पर काम शुरू होने से पहले कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके तहत सबसे पहले हर रूट की व्यवहार्यता का विस्तृत अध्ययन (Feasibility Study) और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार होगी। इसके बाद केंद्रीय कैबिनेट से अंतिम मंजूरी, बजट और फंडिंग की व्यवस्था तथा सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव यानी भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा, जिसके बाद ही पटरियों को बिछाने का काम शुरू होगा।

घंटों का रास्ता अब मिनटों में होगा तय

बुलेट ट्रेन का यह विशाल नेटवर्क पूरी तरह तैयार होने के बाद देश में यातायात की परिभाषा बदल जाएगी। दो बड़े शहरों के बीच जो सफर तय करने में लोगों का पूरा दिन या रात लग जाती थी, वह अब कुछ ही मिनटों और घंटों में सिमट जाएगा। सरकार और रेलवे द्वारा जारी किए गए अनुमानित समय के आंकड़े इस प्रकार हैं:

मुंबई से पुणे: वर्तमान में लगने वाले कई घंटों के मुकाबले यह सफर मात्र 48 मिनट का रह जाएगा।

बेंगलुरु से चेन्नई: दक्षिण भारत के इन दो बड़े टेक और बिजनेस हब के बीच की दूरी मात्र 73 मिनट (1 घंटा 13 मिनट) में पूरी होगी।

मुंबई से अहमदाबाद: देश के इस पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत दोनों शहरों की दूरी 1 घंटा 57 मिनट में तय होगी।

पुणे से हैदराबाद: इस रूट पर यात्रा का समय घटकर मात्र 2 घंटे 8 मिनट हो जाएगा।

बेंगलुरु से हैदराबाद: इन दो प्रमुख आईटी शहरों के बीच का सफर 2 घंटे 10 मिनट का होगा।

दिल्ली से लखनऊ: देश की राजधानी से नवाबों के शहर लखनऊ पहुंचना मात्र 2 घंटे का खेल होगा।

दिल्ली से वाराणसी: सांस्कृतिक नगरी वाराणसी और दिल्ली के बीच की दूरी महज 3 घंटे 15 मिनट में सिमट जाएगी।

दिल्ली से सिलीगुड़ी: पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार सिलीगुड़ी तक का लंबा सफर बुलेट ट्रेन के जरिए सिर्फ 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

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