India vs West Indies: 250 रन लुटाने पर गंभीर ने गेंदबाजों को घेरा, श्रेयस ने ओस को ठहराया जिम्मेदार

वेस्टइंडीज ने दूसरे टी20 मुकाबले में 250 रन का लक्ष्य हासिल कर भारत को चौंका दिया। शाई होप की शतकीय पारी के बाद भारतीय गेंदबाजी पर सवाल उठे। कोच गौतम गंभीर ने लाइन-लेंथ की गलतियों का जिक्र किया, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने ओस और छूटे कैच को चुनौती बताया।

India vs West Indies

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 10, 2026

India vs West Indies :  भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे टी20 मुकाबले में कैरेबियाई टीम ने 250 रन का बड़ा लक्ष्य हासिल कर सबको चौंका दिया। इस जीत के केंद्र में कप्तान शाई होप की शानदार शतकीय पारी रही। दूसरी ओर, भारतीय गेंदबाजी इकाई की रणनीति और प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे। भारतीय टीम के छह गेंदबाजों की इकॉनमी दर 10 रन प्रति ओवर से अधिक रहने की बात सामने आई, जिसने मुकाबले में गेंदबाजों की मुश्किलों को उजागर किया।

शाई होप की पारी ने बदला मैच का रुख

वेस्टइंडीज की ओर से कप्तान शाई होप ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कैरेबियाई बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और बड़े लक्ष्य का पीछा सफलतापूर्वक पूरा किया। इस जीत के साथ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़े लक्ष्य का पीछा करने के मामले में वेस्टइंडीज दूसरे स्थान पर पहुंच गया। इससे पहले 2023 में दक्षिण अफ्रीका ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 259 रन का लक्ष्य हासिल किया था।

गौतम गंभीर ने गेंदबाजों की रणनीति पर उठाए सवाल

भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हार के बाद गेंदबाजों के प्रदर्शन पर बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय गेंदबाज लगातार अपनी लाइन बदल रहे थे, जिससे बल्लेबाजों को गेंद की दिशा और लंबाई का अंदाजा लगाने में आसानी हुई। गंभीर के मुताबिक, गेंदबाज अगर एक तय लाइन और लेंथ पर लगातार गेंद डालते, तो विपक्षी बल्लेबाजों को जमने से रोकना संभव हो सकता था। उन्होंने वेस्टइंडीज के गेंदबाज रस्टन चेज का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने लगातार अलग-अलग लेंथ और दिशा में गेंदबाजी की।

कैच छूटने से भी भारत को हुआ नुकसान

मुकाबले के दौरान भारतीय टीम से एक अहम कैच भी छूटा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 84 रन बनाने वाले शेरफेन रदरफोर्ड का कैच मयंक यादव ने छोड़ दिया। बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय किसी प्रमुख बल्लेबाज को जीवनदान मिलने से विपक्षी टीम को फायदा हो सकता है। हालांकि, इस हार के लिए केवल कैच छूटने को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय गेंदबाजों की महंगी गेंदबाजी और वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों का आक्रामक खेल भी मुकाबले के नतीजे में अहम रहा।

श्रेयस अय्यर ने ओस और टॉस को बताया चुनौती

भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने मैच के बाद ओस की भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब मैदान पर ओस पड़ती है, तब बड़े स्कोर को भी सुरक्षित मानना मुश्किल हो जाता है। उनके अनुसार, इस तरह की पिच पर छोटी-छोटी गलतियों की गुंजाइश कम रहती है। उन्होंने कैच छूटার ঘটনা স্বীকার করে ওয়েস্ট ইন্ডিজের ব্যাটারদের ভালো খেলার প্রশংসাও করেন। রাঁচির ম্যাচে টস এবং পরে শিশির পড়া ভারতীয় বোলারদের জন্য চ্যালেঞ্জ তৈরি করেছিল বলে তাঁর বক্তব্য।

टॉस और कैच पर गंभीर की अलग प्रतिक्रिया

गौतम गंभीर ने टॉस और कैच छूटने को लेकर कहा कि टॉस किसी खिलाड़ी के नियंत्रण में नहीं होता और कोई भी जानबूझकर कैच नहीं छोड़ता। उन्होंने किसी एक खिलाड़ी को हार का जिम्मेदार ठहराने से परहेज किया। हालांकि, गेंदबाजी की रणनीति पर उनकी टिप्पणी ने साफ किया कि भारतीय टीम को अपनी लाइन, लेंथ और विविधता पर काम करने की जरूरत है। अब भारतीय टीम के सामने अगले मुकाबलों में गेंदबाजी में सुधार कर वापसी करने की चुनौती होगी।

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