UP News: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खबर है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने खरीफ विपणन सत्र 2026-27 में धान की सरकारी खरीद की तारीख तय कर दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 अक्टूबर से धान की खरीद शुरू होगी, जबकि पूर्वी यूपी के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए 1 नवंबर तक इंतजार करना होगा। पश्चिमी यूपी में खरीद 15 फरवरी 2027 तक और पूर्वी यूपी में 28 फरवरी 2027 तक चलेगी।
धान का MSP कितना मिलेगा?

बताते चले कि, केंद्र सरकार की ओर से इस साल धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की गई है। धान की कॉमन किस्म का समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए किस्म का 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इससे सरकारी खरीद केंद्रों पर निर्धारित मानकों के अनुसार धान बेचने वाले किसानों को तय समर्थन मूल्य का लाभ मिलेगा।
यूपी में 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य
खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय के अनुसार, पिछले खरीद सत्र में प्रदेश में रिकॉर्ड 62 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। इस बार सरकार ने लक्ष्य बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। इसके लिए आठ क्रय एजेंसियों के माध्यम से प्रदेश में 4,500 खरीद केंद्र संचालित किए जाएंगे। सरकार ने किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान करने की व्यवस्था करने की भी जानकारी दी है। खरीद केंद्रों पर बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी की गई है।
इन मंडलों में 12 अक्टूबर से होगी धान खरीद

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, अलीगढ़ और झांसी मंडलों में 12 अक्टूबर से धान खरीदा जाएगा। इसके अलावा लखनऊ मंडल के हरदोई, लखीमपुर खीरी और सीतापुर जिलों में भी इसी तारीख से सरकारी खरीद शुरू होगी।
पूर्वी यूपी में 1 नवंबर से धान की खरीद
पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए धान की सरकारी खरीद 1 नवंबर से शुरू होगी। चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर और प्रयागराज मंडलों के जिलों में खरीद की जाएगी। लखनऊ मंडल के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव जिले भी इसी चरण में शामिल होंगे। इन क्षेत्रों में 28 फरवरी 2027 तक धान खरीदा जाएगा।
श्रीअन्न की सरकारी खरीद 31 दिसंबर से, जानें MSP
धान के साथ-साथ प्रदेश सरकार मोटे अनाज यानी श्रीअन्न की खरीद भी करेगी। बाजरा, मक्का और ज्वार की सरकारी खरीद 31 दिसंबर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य इस प्रकार हैं:
ज्वार मालदांडी: 4,073 रुपये प्रति क्विंटल
ज्वार हाईब्रिड: 4,023 रुपये प्रति क्विंटल
बाजरा: 2,900 रुपये प्रति क्विंटल
मक्का: 2,410 रुपये प्रति क्विंटल
सरकार के अनुसार, 33 जिलों में बाजरा, 25 जिलों में मक्का और 13 जिलों में ज्वार की खरीद की जाएगी।
बाजरा, मक्का और ज्वार की खरीद का लक्ष्य कितना?

मोटे अनाज की खरीद के लिए भी अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। बाजरे की खरीद के लिए 300 केंद्र, ज्वार के लिए 80 केंद्र और मक्के के लिए 75 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। सरकार ने बाजरे की 2.20 लाख मीट्रिक टन, ज्वार की 50 हजार मीट्रिक टन और मक्के की 15 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा है।
करीब 14 हजार किसानों ने कराया धान बिक्री के लिए पंजीकरण
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 9 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे तक 13,943 किसान धान बेचने के लिए पंजीकरण करा चुके थे। किसानों को सरकारी खरीद का लाभ लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीकरण कराना होगा। खरीद केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-पॉप डिवाइस के जरिए बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
मोटे अनाज का भुगतान 48 घंटे में, हेल्पलाइन नंबर जारी
खाद्य एवं रसद मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोटे अनाज की खरीद का भुगतान भी 48 घंटे के भीतर किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे करने के निर्देश दिए हैं। खरीद से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी और विपणन निरीक्षक से भी सहायता ली जा सकती है।
इन जिलों में होगी बाजरा, मक्का और ज्वार की खरीद

सरकारी योजना के तहत मक्के की खरीद बुलंदशहर, बदायूं, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बहराइच, गोंडा, देवरिया, बलिया, जौनपुर, मीरजापुर, सोनभद्र और ललितपुर में होगी।
बाजरे की खरीद बुलंदशहर, रामपुर, संभल, अमरोहा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, जालौन, चित्रकूट और हमीरपुर में की जाएगी।
ज्वार की खरीद बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर, जालौन, झांसी और फिरोजाबाद में प्रस्तावित है।
सरकार के इन फैसलों का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का निर्धारित समर्थन मूल्य दिलाना, समय पर भुगतान सुनिश्चित करना और मोटे अनाज की सरकारी खरीद को बढ़ावा देना है। किसानों को खरीद शुरू होने से पहले पंजीकरण, उपज संबंधी मानकों और अपने जिले के खरीद केंद्र की जानकारी अवश्य प्राप्त करनी चाहिए।










