
India vs Japan hockey final: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 (Asian Champions Trophy 2026) का खिताब अपने नाम कर लिया है। गुरुवार (5 नवंबर 2026) को मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने जापान को 4-1 से करारी शिकस्त दी। तीन क्वार्टर तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर चल रही थीं, लेकिन चौथे और आखिरी क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए महज कुछ ही मिनटों में 3 गोल दागकर पूरी बाजी पलट दी। यह भारत का एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का रिकॉर्ड छठा खिताब है।
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जापान ने शुरुआती मिनटों में बनाई बढ़त

फाइनल मुकाबले की शुरुआत भारतीय टीम के लिए अच्छी नहीं रही। मैच के तीसरे ही मिनट में जापान के कजुमासा मात्सुमोतो ने शानदार फील्ड गोल करके अपनी टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। पहले क्वार्टर में मिली इस बढ़त को जापान ने दूसरे क्वार्टर तक बरकरार रखा। हाफ टाइम तक भारतीय फॉरवर्ड लाइन कई मौकों के बावजूद गोल करने में नाकाम रही और दूसरा क्वार्टर गोलरहित समाप्त हुआ। दो क्वार्टर के खेल के बाद जापानी टीम 1-0 से आगे चल रही थी और भारतीय प्रशंसकों की सांसें अटकी हुई थीं।
तीसरे क्वार्टर में शिलानंद लकड़ा ने कराई भारत की वापसी
हाफ टाइम के बाद मैदान पर उतरी भारतीय टीम ने हमले तेज कर दिए। मैच के 42वें मिनट (तीसरे क्वार्टर) में शिलानंद लकड़ा ने एक बेहतरीन मैदानी गोल करके भारत को 1-1 की बराबरी दिला दी। इस गोल के साथ ही स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का उत्साह दोगुना हो गया और जापानी रक्षापंक्ति पर दबाव साफ दिखाई देने लगा। तीन क्वार्टर का खेल खत्म होने तक स्कोर 1-1 की बराबरी पर आ चुका था।
चौथे क्वार्टर में दागे 3 गोल, भारत ने दर्ज की एकतरफा जीत

मैच का असली ड्रामा और रोमांच चौथे यानी आखिरी क्वार्टर में देखने को मिला। बराबरी का गोल दागने के बाद भारतीय टीम पूरी तरह लय में आ चुकी थी। दिलप्रीत सिंह ने शानदार मैदानी गोल कर भारत को मैच में पहली बार 2-1 की बढ़त दिलाई। जुगराज सिंह ने अपने बेहतरीन पेनल्टी कॉर्नर या शॉट का प्रदर्शन करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया और स्कोर 3-1 कर दिया।
विवेक प्रसाद ने जापानी डिफेंस को छकाते हुए भारत के लिए चौथा गोल दाग दिया।
महज 6 मिनट के भीतर भारतीय खिलाड़ियों ने 3 गोल करके मैच को पूरी तरह से एकतरफा बना दिया। निर्धारित समय समाप्त होने तक जापान की टीम इस झटके से उबर नहीं सकी और कोई दूसरा गोल नहीं कर पाई। इस तरह भारत ने 4-1 की शानदार जीत दर्ज कर खिताब पर कब्जा जमाया।
भारत की ओर से शिलानंद लकड़ा, दिलप्रीत सिंह, जुगराज सिंह और विवेक प्रसाद ने 1-1 गोल किया, जबकि जापान के लिए एकमात्र गोल कजुमासा मात्सुमोतो ने किया।
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