IND vs WI: भारत ने टी20 विश्व कप के इतिहास का सबसे सफल रन चेज करते हुए सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। संजू सैमसन की 97 रनों की नाबाद और जुझारू पारी के दम पर टीम इंडिया ने एक नामुमकिन लक्ष्य को मुमकिन कर दिखाया।
संजू सैमसन की यादगार पारी
बताते चले कि, मैच की शुरुआत भारत के लिए अच्छी नहीं रही और दो विकेट जल्दी गिर गए। ऐसे नाजुक वक्त पर संजू सैमसन क्रीज पर आए और अंत तक डटे रहे। उन्होंने पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव और फिर युवा तिलक वर्मा के साथ मिलकर मैच जिताऊ साझेदारियां कीं। 97 रनों की अपनी नाबाद पारी के दौरान सैमसन ने न केवल रन बनाए, बल्कि भारतीय टीम की जीत की राह भी आसान की। उनकी इस पारी ने आलोचकों को करारा जवाब दिया है।
प्लेइंग इलेवन में वापसी की कहानी
विश्व कप शुरू होने से पहले सैमसन अपनी ओपनिंग पोजीशन गंवा चुके थे, लेकिन किस्मत ने करवट ली। अभिषेक शर्मा के बीमार पड़ने के बाद उन्हें मौका मिला। टीम मैनेजमेंट ने मध्यक्रम को मजबूती देने के लिए उन पर भरोसा जताया और सैमसन ने इस मौके को दोनों हाथों से लपका। इसी शानदार बल्लेबाजी की बदौलत भारत छठी बार टी20 विश्व कप के अंतिम चार में पहुंचने में सफल रहा है।
कप्तान सूर्या की प्रतिक्रिया
मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सैमसन की जमकर तारीफ की। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “अच्छे लोगों के साथ अच्छी चीजें तब होती हैं जब वे धैर्य रखते हैं। संजू ने पर्दे के पीछे जो कड़ी मेहनत की, आज उसका फल उन्हें सही समय पर मिला।” सूर्या ने इसे एक ‘वर्चुअल क्वार्टर फाइनल’ करार दिया और पूरी टीम के जुझारूपन की सराहना की।
200 रनों के लक्ष्य का पीछा
भारतीय कप्तान ने स्पष्ट किया कि टीम को खुद पर भरोसा था कि 200 रनों का विशाल लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। सूर्या के अनुसार, बड़े मैचों में साझेदारियां ही जीत की कुंजी होती हैं। उन्होंने खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए मानसिक कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि दबाव की परिस्थितियों में ही असली खिलाड़ी निखर कर सामने आता है।
दबाव और रणनीति पर बोले सूर्या
सेमीफाइनल में पहुंचने की खुशी जाहिर करते हुए सूर्या ने कहा, “हम इस स्थान के हकदार हैं। दबाव तो होता है, लेकिन आप उसे कैसे संभालते हैं, यही मायने रखता है। जब तक खेल में चुनौती और दबाव न हो, तब तक मजा नहीं आता।” टीम अब मुंबई रवाना होगी, जहां वह अपनी अगली रणनीति पर काम करेगी।
सेमीफाइनल का शेड्यूल
अब भारतीय टीम 5 मार्च को मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरा सेमीफाइनल खेलेगी। बतौर डिफेंडिंग चैंपियन भारत की नजरें एक बार फिर खिताब पर हैं। अगर टीम इंडिया यह बाधा पार कर लेती है, तो 8 मार्च को होने वाले फाइनल में वह तीसरी बार विश्व विजेता बनने के इरादे से उतरेगी।
संजू की दमदार पारी से भारत पंहुचा सेमीफाइनल में , वेस्टइंडीज के खिलाफ ऐतिहासिक जीत










