Haryana News: हरियाणा में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ली है। मानसून के अंतिम दौर में मौसम का यह बदलाव लोगों को गर्मी से राहत तो दे सकता है, लेकिन इसके साथ ही कई तरह की चुनौतियां और खतरे भी लेकर आया है। मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के अनुसार, आज यानी 28 सितंबर को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने (वज्रपात) की प्रबल संभावना जताई गई है। इस स्थिति को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने नागरिकों और किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।
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किन जिलों में रहेगा सबसे ज्यादा असर?

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, आज हरियाणा के कई जिलों में मौसम का मिजाज काफी आक्रामक रह सकता है। हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी और चरखी दादरी में तेज आंधी के साथ-साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की सबसे ज्यादा आशंका है। इन इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। इसके अलावा रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पानीपत और सोनीपत जिलों में भी तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 28 सितंबर को इस मौसमी हलचल के बाद, अगले दिन यानी 29 सितंबर को कुछेक स्थानों पर छिटपुट बारिश हो सकती है, जिसके बाद मौसम पूरी तरह से शुष्क (साफ) होने की उम्मीद है। इस बारिश के चलते तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
आंकड़ों पर एक नजर

इस बार हरियाणा में मानसून की चाल काफी सुस्त और कमजोर रही है। बारिश के आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य में मानसूनी सीजन उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया है। 1 जून से लेकर 21 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार, पूरे प्रदेश में कुल 317.5 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई है।
कमी का प्रतिशत: यह आंकड़ा सामान्य औसत वर्षा से लगभग 23 प्रतिशत कम है।
कमजोर मानसून के कारण राज्य के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात और भू-जल स्तर पर असर देखने को मिला है, हालांकि यह अंतिम दौर की बारिश फसलों और पर्यावरण के लिए थोड़ी राहत का काम जरूर कर सकती है, बशर्ते यह आपदा न बने।
मौसम विभाग की सख्त सलाह और सावधानियां

तेज हवाओं, बादलों की गरज और विशेष रूप से आकाशीय बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता और खासकर किसानों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आंधी-तूफान के समय भूलकर भी किसी बड़े पेड़ के नीचे शरण न लें, क्योंकि बिजली गिरने का सबसे ज्यादा खतरा पेड़ों पर होता है। इसके अलावा, बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मर और जर्जर दीवारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
खेतों में काम कर रहे किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम खराब होने के दौरान खुले खेतों में न रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। धातु के औजारों या ट्रैक्टरों का इस्तेमाल सावधानी से करें। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि तेज आंधी और बारिश के दौरान गाड़ी की गति धीमी रखें और सुरक्षित स्थानों पर वाहन रोककर इंतजार करें। प्रशासन की अपील है कि लोग पैनिक न करें, बल्कि पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ इस मौसमी बदलाव का सामना करें ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
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