India South Korea Deal: कोरियाई नागरिकों और भारतीयों के लिए बड़ी खबर! बिना परेशानी के कर सकेंगे एक-दूसरे के देश में QR पेमेंट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के बीच नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस दौरान दोनों देशों ने इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम को जोड़ने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए, जिससे यात्री स्थानीय QR कोड से भुगतान कर सकेंगे। साथ ही 2030 तक आपसी व्यापार को 50 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 20, 2026

India South Korea Deal: नई दिल्ली के ऐतिहासिक हैदराबाद हाउस में सोमवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के बीच एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय शिखर वार्ता (Bilateral Summit Meeting) संपन्न हुई। इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से हुई इस मुलाकात में रक्षा, तकनीक और वित्तीय समावेशन जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

डिजिटल भुगतान में नया अध्याय

बताते चले कि, इस बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणालियों का आपसी जुड़ाव (Linking of Electronic Payment Systems) रहा। दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसके तहत अब भारत और दक्षिण कोरिया के नागरिक एक-दूसरे के देश की यात्रा के दौरान स्थानीय QR कोड आधारित भुगतान प्रणाली (QR Code based Payment System) का उपयोग कर सकेंगे। राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह तकनीक आपसी यात्राओं और पर्यटन को अधिक सुविधाजनक और डिजिटल रूप से सशक्त बनाएगी।

2030 तक 50 बिलियन डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक संबंधों पर जोर देते हुए बताया कि भारत और कोरिया का द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग (Bilateral Trade and Economic Cooperation) वर्तमान में 27 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। दोनों नेताओं ने वर्ष 2030 तक इस व्यापारिक आंकड़े को 50 बिलियन डॉलर के महत्वाकांक्षी लक्ष्य (Ambitious Target of $50 Billion) तक पहुंचाने के लिए सहमति जताई है। इसके लिए निवेश की बाधाओं को दूर करने और नए बाजार खोलने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जो दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होंगे।

AI, रक्षा और जहाज निर्माण में व्यापक सहयोग

भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए दोनों देशों ने रणनीतिक उद्योग और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। राष्ट्रपति ली जे म्युंग के अनुसार, भारत और कोरिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जहाज निर्माण, रक्षा और वित्त (AI, Shipbuilding, Defense, and Finance) जैसे क्षेत्रों में सबसे आदर्श साझेदार बनकर उभर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता के इस वैश्विक दौर में दोनों देशों का एक-साथ आना वैश्विक सुरक्षा और विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

मध्य पूर्व के संकट पर साझा वैश्विक दृष्टिकोण

द्विपक्षीय मुद्दों के साथ-साथ दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक शांति (International Security and Global Peace) पर भी अपने विचार साझा किए। मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे हालिया तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए पीएम मोदी और राष्ट्रपति ली ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और स्थिरता (Global Economy and Stability) के लिए इस क्षेत्र में शांति बहाल करना अनिवार्य है। दोनों देशों ने स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की वकालत करते हुए आपसी हितों की सुरक्षा का संकल्प लिया।

लोगों के बीच आपसी मेल-जोल को बढ़ावा

अंत में, दोनों देशों ने सांस्कृतिक संबंध और लोगों के बीच संपर्क (Cultural Ties and People-to-People Contact) को और अधिक गहरा करने की आवश्यकता पर बल दिया। शिक्षा, पर्यटन और कला के माध्यम से भारत और दक्षिण कोरिया की समृद्ध विरासत को एक-दूसरे के करीब लाने के लिए नए कार्यक्रमों की घोषणा की गई। राष्ट्रपति ली ने भारत को एक ‘इनोवेशन पार्टनर’ बताते हुए कहा कि यह साझेदारी केवल सरकारों तक सीमित न रहकर दोनों देशों की जनता के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगी।