India slams Pakistan in UNSC : UNSC में भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा, अफगानिस्तान पर हवाई हमलों की कड़ी निंदा

India Slams Pakistan at UNSC: संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वथनेनी ने अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के सैन्य हवाई हमलों और मासूम नागरिकों के नरसंहार पर इस्लामाबाद को सरेआम फटकार लगाई है। आखिर 'व्यापारिक आतंकवाद' और पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा के खिलाफ भारत ने वैश्विक मंच से कौन सी बड़ी चेतावनी दी? जानिए!

India slams Pakistan in UNSC

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 9, 2026

India slams Pakistan in UNSC : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने एक बार फिर पड़ोसी देश अफगानिस्तान और संयुक्त राष्ट्र का पुरजोर समर्थन करते हुए पाकिस्तान की हिंसक और दमनकारी नीतियों को बेनकाब किया है। भारत ने आतंकवाद के नाम पर इस्लामाबाद द्वारा अफगानिस्तान के निर्दोष नागरिकों पर की जा रही सैन्य हिंसा की वैश्विक मंच पर कड़ी निंदा की। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि पाकिस्तान ने अपने आधिकारिक बयान में ‘अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन’ (UNAMA) के इरादों और खुद संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर अनर्गल सवाल उठाए हैं, जो उसकी हताशा को दर्शाता है।

पवित्र रमजान महीने में बमबारी

अफगानिस्तान के मौजूदा हालातों पर आयोजित एक विशेष चर्चा में भारतीय प्रतिनिधि पी. हरीश ने बहुपक्षवाद के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संयुक्त राष्ट्र के समर्थन और अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन को कोई भी देश अपनी सुविधा के अनुसार चुन या छोड़ नहीं सकता। उन्होंने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि रमजान के पवित्र महीने के दौरान अफगानिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं। यह कृत्य इस्लामी एकजुटता के उच्च सिद्धांतों के संदर्भ में पाकिस्तान के दोहरे मापदंडों का एक स्पष्ट और शर्मनाक उदाहरण है।

आम नागरिकों की मौत पर भारत ने जताई गहरी चिंता

भारतीय राजदूत ने यूएनएएमए (UNAMA) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सीमा पार से होने वाली फायरिंग, एयरस्ट्राइक और टारगेटेड किलिंग में निर्दोष आम लोगों के मारे जाने पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की गहरी चिंता को दोहराया। भारत ने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के सामने मांग रखी कि आम नागरिकों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके साथ ही, भारत ने यूएनएएमए की उस अपील का भी पुरजोर समर्थन किया, जिसमें इन हिंसक घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने, पीड़ितों को न्याय देने, उनके अधिकारों को बनाए रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए जवाबदेही तय करने की बात कही गई है।

अस्पताल पर हवाई हमला

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस द्वारा पेश की गई हालिया रिपोर्ट में अफगानिस्तान के भीतर हुए मानवीय नुकसान के भयावह आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दिनों 26 जनवरी से 31 मार्च के बीच करीब 372 अफगानी नागरिक मारे गए और 392 गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से अधिकांश मौतें पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक और क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग के कारण हुईं। रिपोर्ट में इस बात का विशेष उल्लेख किया गया है कि 16 मार्च को काबुल के ‘ओमिड ड्रग रिहैबिलिटेशन हॉस्पिटल’ पर एक भीषण हवाई हमला किया गया था, जिसमें कम से कम 269 लोग मारे गए थे। इस हमले में जान गंवाने वाले अधिकांश लोग अस्पताल में अपना इलाज करा रहे मासूम मरीज थे।

आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के नाम पर हत्या

सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने अपनी सरकार का बचाव करने की कोशिश की। उन्होंने उलटा संयुक्त राष्ट्र पर ही आरोप लगा दिया कि महासचिव की रिपोर्ट अफगानिस्तान की वास्तविक स्थिति की जिम्मेदारी को बाहरी कारकों पर डालने का प्रयास कर रही है। पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने हमलों को ‘काउंटर-टेररिज्म एक्शन’ (आतंकवाद विरोधी कार्रवाई) बताते हुए सही ठहराने की वकालत की। उन्होंने तालिबान के साथ संयुक्त राष्ट्र के संवाद की प्रकृति और यूएनएएमए की रिपोर्टिंग की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए, जिसका उद्देश्य अफगानिस्तान को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग करना था।

नरसंहार को सैन्य ऑपरेशन का नाम देने से अपराधी बरी नहीं होता: पी. हरीश

पाकिस्तान के इस कुतर्क पर भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने अत्यंत कड़ा और करारा जवाब दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “किसी बड़े हत्याकांड या नरसंहार को महज एक सैन्य ऑपरेशन का रूप दे देने से कोई भी अपराधी अपने पापों से बरी नहीं हो जाता है।” हरीश ने आगे कहा कि निर्दोष आम लोगों को मारना, उन्हें अपाहिज बनाना और बच्चों को अनाथ कर देना किसी भी नजरिए से काउंटर-टेररिज्म नहीं कहा जा सकता। भारत ने अंत में दोहराया कि वह इस बेहद मुश्किल समय में अफगानिस्तान में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए यूएनएएमए और उसके जमीनी मैंडेट को अपना पूरा कूटनीतिक समर्थन देना जारी रखेगा।

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