Sixth Generation Fighter Jet : भारत के छठी पीढ़ी के फाइटर जेट मिशन का ऐलान, राजनाथ सिंह ने बताया लक्ष्य

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और अत्याधुनिक तकनीक पर जोर दिया। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ भारत अपनी भविष्य की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने की तैयारी कर रहा है।

Sixth Generation Fighter Jet

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 28, 2026

Sixth Generation Fighter Jet : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को भविष्य की युद्ध परिस्थितियों के अनुरूप लगातार मजबूत कर रहा है। एक रक्षा सम्मेलन में उन्होंने बताया कि देश अगले दो दशकों में सामने आने वाली संभावित सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अपनी रक्षा तैयारियों को आगे बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में भारत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।

छठी पीढ़ी के फाइटर जेट पर बड़ा फोकस

राजनाथ सिंह के मुताबिक छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान का विकास आसान नहीं होगा और इस राह में तकनीकी समेत कई चुनौतियां सामने आ सकती हैं। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि भारत का संकल्प स्पष्ट और अडिग है। इस परियोजना को देश की भविष्य की वायु शक्ति और स्वदेशी रक्षा तकनीक से जोड़कर देखा जा रहा है।रक्षा मंत्री ने यह बात एक महत्वपूर्ण रक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सशस्त्र बलों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। अपने संबोधन में सिंह ने बदलते युद्ध के स्वरूप और सैन्य तकनीक में तेजी से हो रहे बदलावों का विस्तार से उल्लेख किया।

पाकिस्तान को लेकर राजनाथ सिंह का बयान

अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान की ओर परोक्ष संकेत करते हुए आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि जब तक पड़ोसी देश आतंकवाद को सरकारी नीति के रूप में जारी रखता है, तब तक भारत उसके खिलाफ हर तरह की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। यह बयान आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति के संदर्भ में आया।

आधुनिक युद्ध का बदलता स्वरूप

रक्षा मंत्री ने कहा कि आज का युद्ध केवल सैनिकों के आमने-सामने मुकाबले तक सीमित नहीं रह गया है। आधुनिक संघर्ष कई अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ लड़ा जा सकता है। इनमें जमीन, हवा और समुद्र के अलावा अंतरिक्ष, साइबर क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और सूचना युद्ध जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं। राजनाथ सिंह ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI, ड्रोन और सटीक मारक क्षमता वाले हथियारों को भी आधुनिक युद्ध का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनका कहना था कि भविष्य के युद्धों में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ेगी। ऐसे में सैन्य बलों को केवल पारंपरिक हथियारों के आधार पर तैयार करना पर्याप्त नहीं होगा।

तकनीकी बढ़त से युद्ध में मिल सकती है बढ़त

रक्षा मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में वही देश युद्ध के मैदान में बढ़त हासिल कर सकेगा, जो तकनीकी क्षेत्र में नेतृत्व करने की क्षमता रखता होगा। उन्होंने पिछले एक दशक में भारत के रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख किया और भविष्य की चुनौतियों के लिए सशस्त्र बलों को तैयार करने की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी दी।

आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता पर जोर

भारत के रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और क्षमताओं के विकास पर लगातार जोर दिया जा रहा है। राजनाथ सिंह के संबोधन में भी भविष्य की सैन्य जरूरतों के लिए देश के भीतर अत्याधुनिक तकनीक विकसित करने की आवश्यकता सामने आई। छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान की दिशा में काम इसी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा बताया गया।

भारत के विकास मॉडल पर राजनाथ का संदेश

विश्व व्यवस्था में भारत की भूमिका पर बात करते हुए रक्षा मंत्री ने भारत को एक सभ्यतागत शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि भारत के उत्थान का उद्देश्य किसी दूसरे देश को पीछे छोड़ना या मौजूदा व्यवस्था को समाप्त करना नहीं है। उनके अनुसार भारत का विकास सामूहिक और समावेशी प्रगति पर आधारित होना चाहिए।

दुनिया के साथ आगे बढ़ने की बात

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ऐसा विकास चाहता है जिसमें देश की प्रगति के साथ पूरी दुनिया भी आगे बढ़े। उन्होंने भारत के उत्थान को बिना विघटन के विकास और संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव से जोड़ा। उनके संबोधन में रक्षा क्षमता बढ़ाने के साथ शांतिपूर्ण और समावेशी वैश्विक व्यवस्था की भारत की सोच पर भी जोर दिखाई दिया।

अगले दो दशकों पर भारत की नजर

राजनाथ सिंह के बयान से स्पष्ट है कि भारत अपनी रक्षा रणनीति को केवल मौजूदा चुनौतियों तक सीमित रखने के बजाय लंबी अवधि की जरूरतों के हिसाब से तैयार कर रहा है। छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान, AI, ड्रोन, साइबर और अंतरिक्ष क्षमताओं पर जोर भविष्य के युद्धों में तकनीकी तैयारी के महत्व को दर्शाता है।

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