India Pakistan UN : संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रतिष्ठित मंच पर भारत ने एक बार फिर अपनी कूटनीतिक ताकत का परिचय देते हुए पाकिस्तान की हर चालबाजी को पूरी तरह नाकाम कर दिया और उसे कड़ा आईना दिखाया। संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति की चल रही बैठक के दौरान जब पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने अपनी पुरानी और आदत के मुताबिक जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाकर अंतरराष्ट्रीय मंच का दुरुपयोग करने की कोशिश की, तो भारत ने बिना देर किए ‘जवाब देने के अधिकार’ (Right of Reply) का पूरी मजबूती से इस्तेमाल किया और पाकिस्तान के झूठ की पोल खोलकर रख दी।
इमरान खान की स्थिति पर कड़ा प्रहार
समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव भाविका मंगलानंदन ने पाकिस्तान पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पूरी दुनिया इस हकीकत से अच्छी तरह वाकिफ है कि पाकिस्तान में तथाकथित नागरिक सरकारें कभी स्वतंत्र रूप से काम नहीं करतीं, बल्कि वे वहां की सेना के इशारों और रहमोकरम पर चलती हैं। यही मुख्य वजह है कि पाकिस्तान के इतिहास में कोई भी चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल तक पूरा नहीं कर पाई है। उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का हवाला देते हुए बताया कि आज एक पूर्व प्रधानमंत्री जेल की सलाखों के पीछे हैं, उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है और उनकी राजनीतिक पार्टी को चुनाव तक में भाग लेने से रोक दिया गया है।

आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है पाकिस्तान
भारतीय राजनयिक ने बेहद कड़े शब्दों में दोहराया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमेशा से भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग रहे हैं, वर्तमान में भी हैं और भविष्य में भी हमेशा रहेंगे। उन्होंने वैश्विक समुदाय का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पाकिस्तान अपने देश के भीतर फैल रहे भयंकर असंतोष, राजनीतिक अस्थिरता और चरमराती आर्थिक बदहाली से अंतरराष्ट्रीय बिरादरी का ध्यान भटकाने के लिए पिछले तीन दशकों से भारत के खिलाफ लगातार सीमा पार आतंकवाद और घुसपैठ को बढ़ावा दे रहा है।
PoK खाली करने की मांग
भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से कड़े शब्दों में मांग की है कि अब इस पूरे मामले में एकमात्र और अंतिम मुद्दा यही बचा है कि पाकिस्तान अपने अवैध कब्जे वाले भारतीय भूभाग यानी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को जल्द से जल्द पूरी तरह खाली करे। भाविका मंगलानंदन ने पीओके में आम मासूम नागरिकों पर हो रहे सैन्य अत्याचारों, बुनियादी सुविधाओं जैसे रोटी और बिजली की भयंकर किल्लत तथा मानवाधिकारों के खुलेआम हो रहे हनन के मुद्दों को जोर-शोर से उजागर किया।

जम्मू-कश्मीर के चुनावों की तुलना
भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वहां मीडिया पर सख्त सेंसरशिप लागू है और धांधली के जरिए बनाई गई ‘फॉर्म 47’ वाली कठपुतली सरकार चल रही है, जिसे केवल सेना के मुख्यालय से रिमोट कंट्रोल से आदेश मिलते हैं। इसके बिल्कुल विपरीत, जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2024 के दौरान पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और ऐतिहासिक विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं, जहां की जनता ने भारी संख्या में मतदान कर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी अटूट आस्था का परिचय दिया है।
पाकिस्तान को सलाह
अंत में भारत ने पाकिस्तान को कड़ी नसीहत देते हुए सलाह दी कि वह दूसरों के अंदरूनी मामलों में दखल देने और झूठे प्रोपेगेंडा फैलाने के बजाय अपने देश के गंभीर अंदरूनी हालातों, भुखमरी, गरीबी और चरमराती अर्थव्यवस्था को संभालने पर ध्यान केंद्रित करे। भारत के इस दो टूक और मजबूत रुख ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।










