India-New Zealand Trade Deal: पहले दिन से 57% भारतीय निर्यात शुल्क मुक्त, व्यापार को मिलेगा बड़ा बूस्ट

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए नए व्यापार समझौते ने भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत दी है। समझौते के पहले ही दिन से 57 प्रतिशत भारतीय निर्यात शुल्क मुक्त हो गया है। आखिर किन सेक्टरों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा, व्यापार कितना बढ़ सकता है और अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर होगा, पूरी रिपोर्ट में जानिए।

India-New Zealand Trade Deal

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 9, 2026

Ayodhya Ram Mandir:  अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में वीआईपी और सुगम दर्शन पास जारी करने की व्यवस्था में बड़ी धांधली सामने आने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सख्त कदम उठाए हैं। मंदिर ट्रस्ट ने चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा की उन आईडी को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दिया है, जिनका उपयोग दर्शन पास बनाने के लिए किया जाता था। अब इन आईडी के जरिए कोई भी नया पास जारी नहीं हो सकेगा। मंदिर में दर्शन की सुगमता के लिए ‘सुगम दर्शन’ और ‘विशिष्ट दर्शन’ पास की व्यवस्था है, जिसके लिए सभी ट्रस्टियों के नाम पर सिस्टम में अलग-अलग आईडी जेनरेट की गई थी। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य दर्शन व्यवस्था में हो रही अनियंत्रित सिफारिशों और धांधली पर लगाम लगाना है।

पास जारी करने का गोरखधंधा: टिन्नू यादव ने उठाया सिस्टम का फायदा

जांच में यह खुलासा हुआ है कि पहले इन ट्रस्टियों की सिफारिश पर दर्शन पास आसानी से जारी हो जाते थे, जिसका गलत फायदा उठाकर कई लोगों ने अपना एक समानांतर नेटवर्क बना लिया था। आरोपी टिन्नू यादव इसी सिस्टम की खामियों का लाभ उठाकर सैकड़ों की संख्या में पास जारी करवा चुका है। इसके अलावा, चंपत राय और अनिल मिश्रा के करीबी बताए जाने वाले कुछ लोग भी इस गोरखधंधे में शामिल थे, जो पास जारी करवाकर मोटी कमाई कर रहे थे। जिन तीन आईडी से सबसे अधिक पास जारी किए गए थे, उन्हें ट्रस्ट ने फिलहाल बंद कर दिया है ताकि अवैध गतिविधियों को पूरी तरह रोका जा सके।

ट्रस्ट की व्यवस्था में बदलाव: सिफारिशों पर लगेगा विराम

ट्रस्ट की ओर से लिए गए इस कड़े फैसले के बाद अब इन ट्रस्टियों की सिफारिश पर किसी भी श्रद्धालु को सुगम या वीआईपी दर्शन पास नहीं मिलेगा। इस कार्रवाई के तहत गोपाल राव को विशेष आमंत्रित सदस्य की सूची से भी हटा दिया गया है। हालांकि, गोपाल राव इस निर्णय को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने ट्रस्ट के दावों को नकारते हुए कहा कि वे अभी भी मंदिर जाते रहेंगे और व्यवस्था में अपना पूरा सहयोग देंगे। इसके विपरीत, ट्रस्ट ने लिखित बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि गोपाल राव को जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। यह स्पष्ट संकेत है कि अब राम मंदिर की दर्शन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की कोशिश की जा रही है।

मंदिर दर्शन व्यवस्था में पारदर्शिता की नई शुरुआत

राम मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, ऐसे में पास व्यवस्था का दुरुपयोग न केवल सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है, बल्कि यह आम श्रद्धालुओं के साथ अन्याय भी है। ट्रस्ट द्वारा आईडी ब्लॉक करने की यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि अब मंदिर प्रशासन किसी भी प्रकार की वीआईपी संस्कृति या अवैध कमाई के खेल को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। आने वाले समय में दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया को और अधिक तकनीकी और सुरक्षित बनाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि सिफारिशी संस्कृति को पूरी तरह खत्म किया जा सके और दर्शन की व्यवस्था सभी के लिए समान बनी रहे।

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