Iran Israel War: इजरायल में युद्ध जैसे हालात, भारत की नई एडवाइजरी ने बढ़ाई प्रवासियों की धड़कन

मध्य पूर्व में छिड़ी भीषण जंग के बीच इजरायल में रह रहे हजारों भारतीयों की सुरक्षा दांव पर लग गई है। भारत सरकार ने शनिवार को एक आपातकालीन एडवाइजरी जारी कर सभी को बम शेल्टरों के करीब रहने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने को कहा है। आखिर क्षेत्र में ऐसा क्या हुआ कि दिल्ली को अचानक ये सख्त कदम उठाना पड़ा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 28, 2026

Iran Israel War: नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है। राजधानी तेहरान में एक साथ लगभग 30 स्थानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए गए, जिससे व्यापक तबाही की खबरें सामने आई हैं। इन हमलों के बाद पूरे देश में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। बताया जा रहा है कि हमलों में ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर भी मारे गए हैं। इससे ईरान की सैन्य संरचना को बड़ा झटका लगा है और क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

ईरान ने दी कड़ी चेतावनी, पलटवार की तैयारी

हमलों के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ईरान अब जवाबी कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है और उसने अब तक का सबसे घातक हमला करने की चेतावनी दी है। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान इजरायल को निशाना बना सकता है, जिससे संघर्ष और व्यापक हो सकता है। क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्रत्यक्ष युद्ध शुरू होता है तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व पर पड़ेगा। ईरान की सैन्य इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और रणनीतिक बैठकों का दौर जारी है।

भारत की एडवाइजरी, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने इजरायल में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारतीय दूतावास ने सभी नागरिकों से अत्यधिक सावधानी बरतने और हर समय सतर्क रहने की अपील की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिक स्थानीय प्रशासन और गृह मोर्चा कमान द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की भी सलाह दी गई है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाने की बात कही है।

ट्रंप का सख्त बयान, अभियान जारी रहने के संकेत

हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के नेतृत्व को या तो हथियार डालने होंगे या गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह अभियान खतरे को समाप्त करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है और अभी जारी रहेगा। उनके बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका पीछे हटने के मूड में नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि हमलों में ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिससे उसे भारी नुकसान पहुंचा है।

‘शील्ड ऑफ जुदाह’ नाम से ऑपरेशन, दुनिया की नजरें टिकीं

इजरायल ने इस सैन्य कार्रवाई को ‘शील्ड ऑफ जुदाह’ नाम दिया है। सूत्रों के अनुसार, यह अभियान अभी आगे भी जारी रह सकता है। इजरायल और अमेरिका दोनों ने संकेत दिए हैं कि यदि आवश्यक हुआ तो और हमले किए जाएंगे। इस पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हुई हैं। कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है, जबकि कुछ राष्ट्र स्थिति पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने वैश्विक सुरक्षा चिंताओं को भी बढ़ा दिया है।

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