India Iran Strait of Hormuz: भारतीय जहाजों को ईरान ने दी हरी झंडी, तेल सप्लाई रहेगी जारी

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत के लिए बड़ी राहत की खबर है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अराघची के बीच हुई सफल वार्ता के बाद, ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'होर्मुज स्ट्रेट' से भारतीय जहाजों को गुजरने की विशेष अनुमति दे दी है।

India Iran Strait of Hormuz

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 12, 2026

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India Iran Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों को गुजरने की अनुमति दे दी है। इससे देश में एलपीजी और कच्चे तेल की आपूर्ति पर पड़े दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्दुल्ला अराघची के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया।

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होर्मुज स्ट्रेट क्यों महत्वपूर्ण?

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भारतीय जहाजों को ईरान ने दी हरी झंडी

होर्मुज स्ट्रेट एक संकरा समुद्री जलमार्ग है, जो ईरान और ओमान को अलग करता है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रतिदिन यहां से लगभग 2 करोड़ बैरल कच्चे तेल का परिवहन होता है, जो विश्व की कुल तेल खपत का लगभग पांचवां हिस्सा है और समुद्री मार्ग से होने वाले तेल व्यापार का लगभग एक चौथाई हिस्सा है। इसके अलावा, विश्व की द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का एक बड़ा हिस्सा भी इसी मार्ग से होकर गुजरता है।

पिछले संघर्ष और संकट

गत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमला किया था। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की और तनाव बढ़ने के कारण होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया गया। इस निर्णय से खाड़ी देशों से एलपीजी और कच्चे तेल की आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा। भारत समेत कई एशियाई देश इन जरूरी ऊर्जा संसाधनों के लिए इस जलमार्ग पर निर्भर हैं। जलमार्ग बंद होने के कारण वैश्विक तेल बाजार में कीमतों में तेजी आई और कई देशों के घरेलू बजट और सप्लाई श्रृंखलाओं पर दबाव बढ़ गया।

भारत के लिए राहत

ईरान द्वारा भारतीय जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति देने से देश में ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित होगी। यह कदम विशेष रूप से घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता के लिए अहम माना जा रहा है। भारतीय सरकार ने इस कदम को “बड़ी राहत” के रूप में बताया है, क्योंकि इससे घरेलू बाजार में ऊर्जा संकट की संभावना कम हो जाएगी और कीमतों पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।

वैश्विक प्रभाव

होर्मुज स्ट्रेट का संचालन केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार के लिए अहम है। यदि यह मार्ग बंद रहता, तो वैश्विक वित्तीय बाजारों, तेल आपूर्ति श्रृंखलाओं और ऊर्जा आयातकों के घरेलू बजट पर गंभीर प्रभाव पड़ता। ईरान और ओमान के बीच यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

ईरान और भारत के बीच हुई संवादात्मक वार्ता ने होर्मुज स्ट्रेट के मार्ग को भारतीय जहाजों के लिए खोलने में सफलता दिलाई। इससे न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। होर्मुज स्ट्रेट की यह खुली स्थिति भारत के एलपीजी और कच्चे तेल के आयात में महत्वपूर्ण राहत के रूप में सामने आई है, जो घरेलू बाजार और नागरिकों के लिए सकारात्मक संकेत है।

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