India Germany Relations: मोदी-मर्ज का महा-समझौता, भारत और जर्मनी के बीच ‘सीमाहीन’ साझेदारी, रक्षा और तकनीक में बड़ी डील!

बड़ा धमाका! प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भारत-जर्मनी रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर पहुँचा दिया है। गांधीनगर में हुए 'लिमिटलेस' समझौते के तहत अब दोनों देश रक्षा उत्पादन, ग्रीन अमोनिया और एआई (AI) में मिलकर काम करेंगे। क्या यह समझौता भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सबसे बड़ी कड़ी साबित होगा?

India Germany Relations

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 12, 2026

India Germany Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने आज गुजरात के गांधीनगर में द्विपक्षीय वार्ता की। यह मर्ज की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच 75 साल के राजनयिक संबंध और 25 साल की रणनीतिक साझेदारी का विशेष अवसर है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया।

रक्षा और अर्थव्यवस्था में सहयोग को ‘लिमिटलेस’ बनाने पर सहमति

दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान में रक्षा, अर्थव्यवस्था, तकनीक और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत और जर्मनी जैसी अर्थव्यवस्थाओं का सहयोग न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि वैश्विक हितों के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने आर्थिक सहयोग को ‘लिमिटलेस’ बनाने की पहल का ऐलान किया, जिसमें रक्षा, स्पेस और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी जैसे रणनीतिक क्षेत्र शामिल हैं।

आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की कड़ी निंदा

भारत-जर्मनी संयुक्त बयान में आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की गई। दोनों नेताओं ने सीमा पार आतंकवाद समेत सभी प्रकार के आतंकवादी गतिविधियों को अस्वीकार किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार आतंकवाद से लड़ने के लिए समन्वित वैश्विक प्रयासों का आह्वान किया।नेताओं ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम, जम्मू-कश्मीर में और 10 नवंबर 2025 को दिल्ली में हुई आतंकवादी घटनाओं की कड़ी निंदा की। उन्होंने आतंकवादियों और संगठनों के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने का संकल्प लिया। इसमें संयुक्त राष्ट्र 1267 प्रतिबंध समिति में सूचीबद्ध लोग भी शामिल हैं।

आतंकवादी ठिकानों और नेटवर्क को समाप्त करने का आह्वान

दोनों पक्षों ने सभी देशों से अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों और बुनियादी ढांचे को समाप्त करने का आह्वान किया। साथ ही आतंकवादी नेटवर्क और उनके वित्तपोषण को बाधित करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज ने आपसी कानूनी सहायता संधियों का स्वागत किया और आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह की प्रगति पर ध्यान दिया।

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग और नई पहल

नेताओं ने स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने UNCLOS सहित अंतर्राष्ट्रीय कानून के सम्मान को सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही दोनों देशों ने नए द्विपक्षीय इंडो-पैसिफिक परामर्श तंत्र की घोषणा की। भारत ने इस क्षेत्र में जर्मनी की बढ़ती भागीदारी का स्वागत किया, जिसमें भारत-जर्मनी सह-नेतृत्व वाली इंडो-पैसिफिक महासागर पहल (IPOI) के क्षमता निर्माण और संसाधन साझा करने वाले स्तंभ शामिल हैं।

भविष्य के सहयोग की दिशा

प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज ने आपसी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने का भरोसा दिलाया। यह समझौता केवल आर्थिक और तकनीकी सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षा, आतंकवाद और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी भारत-जर्मनी संबंधों को एक नई दिशा देता है।

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