India EU Trade Deal: भारत-यूरोपियन यूनियन समझौता, वैश्विक व्यापार में मोदी का नया संदेश

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुए ऐतिहासिक ट्रेड डील ने वैश्विक व्यापार की दिशा बदलने के संकेत दिए हैं। पीएम मोदी ने बिजनेस फोरम में साफ किया कि ट्रेड, टेक्नोलॉजी और रेयर मिनरल्स को हथियार बनाने की राजनीति अब नहीं चलेगी। जानिए इस समझौते का दुनिया पर असर।

वैश्विक व्यापार में मोदी का नया संदेश

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जनवरी 27, 2026

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India EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हाल ही में हुए ट्रेड समझौते ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में नई हलचल मचा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में आयोजित भारत-यूरोपीय यूनियन बिजनेस फोरम में इस समझौते को “भारत-यूरोप संबंधों के नए युग का शंखनाद” करार दिया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ और आर्थिक नीतियों की आलोचना भी की, जिनके कारण ग्लोबल ट्रेड और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अस्थिरता देखी जा रही है।

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ट्रंप की नीतियों पर पीएम मोदी का बयान

पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया में ट्रेड, टेक्नोलॉजी और रेयर अर्थ मिनरल्स का इस्तेमाल हथियार की तरह हो रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप की टैरिफ नीतियों ने वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल मचा दी है और नई आर्थिक चुनौतियां खड़ी की हैं। अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर विवाद ने भी तनाव बढ़ाया है। पीएम मोदी ने इसे उदाहरण देते हुए कहा कि ट्रंप की 10% टैरिफ की धमकी के जवाब में यूरोप ने ‘ट्रेड बाजूका’ से जवाब दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।

दुनिया की दो बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच एलाइनमेंट

पीएम मोदी ने भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच बढ़ते सहयोग को इतिहास का सबसे बड़ा FTA (Free Trade Agreement) बताया। उन्होंने कहा कि पहली बार यूरोपीय संघ के नेताओं का गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना और बिजनेस फोरम में CEOs की बड़ी संख्या में भागीदारी दोनों देशों के बीच अभूतपूर्व एलाइनमेंट का प्रतीक है। पीएम मोदी ने इसे वैश्विक लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच मजबूत साझेदारी के रूप में देखा।

यूरोपीय यूनियन में बढ़ता भारतीय निवेश

प्रधानमंत्री ने बताया कि यूरोपीय संघ में भारतीय निवेश लगभग 40 अरब यूरो तक पहुँच चुका है। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय कंपनियों के बीच R&D, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में गहरा सहयोग मौजूद है। पिछले 10 वर्षों में भारत-यूरोप व्यापार दोगुना होकर 180 बिलियन यूरो तक पहुँच गया है। देश में अब 6,000 से अधिक यूरोपीय कंपनियां सक्रिय हैं।

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नए क्षेत्रों में साझेदारी का महत्व

पीएम मोदी ने ऊर्जा, जल प्रबंधन और कृषि के क्षेत्र में सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “ग्रीन हाइड्रोजन से लेकर सोलर एनर्जी तक, हमें ज्वाइंट रिसर्च और निवेश बढ़ाना चाहिए। साथ ही सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, सर्कुलर इकोनॉमी और जल प्रबंधन में संयुक्त समाधान विकसित करने चाहिए।”

ट्रेड और टेक्नोलॉजी का हथियार के रूप में इस्तेमाल

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर ट्रेड, टेक्नोलॉजी और रेयर मिनरल्स का हथियार के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने व्यापारिक समुदाय से सवाल किया कि क्या वे मिलकर इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी और चिप्स जैसे क्षेत्रों में बाहरी निर्भरता कम कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने भरोसेमंद वैकल्पिक सप्लाई चेन बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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