India BRICS Meeting 2026: भारत के संकट में रूस का बड़ा भरोसा, कहा—ईंधन की कमी नहीं होने देंगे

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भरोसा जताया है कि रूस ऊर्जा आपूर्ति के मामले में भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं को हमेशा पूरा करेगा।

India BRICS Meeting 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 13, 2026

India BRICS Meeting 2026: मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत के लिए रूस ने एक बड़ा आश्वासन दिया है। रूस ने साफ कहा है कि वह भारत के साथ अपने ऊर्जा आपूर्ति समझौतों को पूरी तरह निभाएगा और किसी भी हालात में भारत को ईंधन संकट का सामना नहीं करने देगा।

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत और रूस के बीच संबंध केवल औपचारिक नहीं, बल्कि गहरी मित्रता और विश्वास पर आधारित हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के रिश्ते इतने मजबूत हैं कि इनके रास्ते कभी अलग नहीं हो सकते।

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भारत के हितों की रक्षा का भरोसा

एक इंटरव्यू में लावरोव ने कहा कि रूस यह सुनिश्चित करेगा कि भारत के ऊर्जा हितों को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे। उन्होंने कहा कि रूस हर संभव प्रयास करेगा ताकि अनुचित प्रतिस्पर्धा या वैश्विक दबाव भारत-रूस समझौतों को प्रभावित न कर सके।

लावरोव ने कहा कि रूस कभी भी अपने ऊर्जा आपूर्ति दायित्वों से पीछे नहीं हटा है और आगे भी ऐसा नहीं करेगा। उन्होंने भारत को तेल, गैस और कोयला जैसी हाइड्रोकार्बन आपूर्ति जारी रखने की बात दोहराई।

कुडनकुलम परमाणु परियोजना का जिक्र

रूसी विदेश मंत्री ने भारत में चल रही कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट परियोजना का भी उल्लेख किया। यह परियोजना रूस की तकनीकी सहायता से तमिलनाडु में विकसित की जा रही है।

उन्होंने बताया कि इस संयंत्र की पहली यूनिट पहले ही 1,000 मेगावाट क्षमता के साथ काम कर रही है और आने वाले वर्षों में इसकी पूरी क्षमता से संचालन की उम्मीद है। रूस भारत में नई परमाणु इकाइयों के निर्माण में भी सहयोग कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ

लावरोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे दुनिया के सबसे ऊर्जावान नेताओं में से एक हैं। उन्होंने कहा कि मोदी का फोकस भारत को आर्थिक, सैन्य, सांस्कृतिक और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत दुनिया में अद्वितीय है और रूस इसका सम्मान करता है।

भारत-रूस रिश्ते “अटूट मित्रता” पर आधारित

रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और रूस के रिश्तों को किसी एक शब्द में नहीं बांधा जा सकता, लेकिन सबसे सटीक शब्द “मित्रता” है। उन्होंने कहा कि इतने गहरे संबंधों में अलगाव की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने “हिंदी-रूसी भाई-भाई” नारे का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक नारा नहीं बल्कि दोनों देशों के सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है।

सांस्कृतिक और रणनीतिक सहयोग भी मजबूत

लावरोव ने कहा कि भारतीय फिल्में, संगीत और संस्कृति रूस में बेहद लोकप्रिय हैं। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच रक्षा, परमाणु ऊर्जा, व्यापार और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश वैश्विक मंचों जैसे ब्रिक्स, G20 और संयुक्त राष्ट्र में मिलकर काम कर रहे हैं और कई अहम मुद्दों पर एक-दूसरे के साथ हैं।

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