INDIA Bloc Meeting: कांग्रेस को बड़ा झटका, सस्पेंड होते ही विजय की TVK में शामिल हुए महासचिव सेल्वम!

INDIA ब्लॉक की बैठक के बीच कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है जब सस्पेंड किए गए तमिलनाडु कांग्रेस महासचिव सेल्वम ने तुरंत विजय की TVK पार्टी जॉइन कर ली। इस घटनाक्रम ने विपक्षी एकता और कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह बड़ी राजनीतिक टूट का संकेत है?

सस्पेंड होते ही विजय की TVK में शामिल हुए महासचिव सेल्वम

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 8, 2026

INDIA Bloc Meeting: दिल्ली में आज INDIA गठबंधन की अहम बैठक चल रही है, जिसमें देशभर के कई विपक्षी दलों के शीर्ष नेता शामिल हुए हैं। बैठक का उद्देश्य आगामी राजनीतिक रणनीति और विपक्षी एकजुटता को मजबूत करना बताया जा रहा है। लेकिन इसी बीच कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका सामने आया है। जहां एक तरफ राजधानी दिल्ली में विपक्षी एकता का प्रदर्शन हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी को संगठनात्मक स्तर पर नुकसान झेलना पड़ा है।

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तमिलनाडु कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने छोड़ी पार्टी

सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु कांग्रेस के वरिष्ठ महासचिव केजी रमेश कुमार ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोमवार (8 जून) को कन्याकुमारी में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके इस फैसले को राज्य की राजनीति में कांग्रेस के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है। पार्टी छोड़ने के पीछे संगठनात्मक मतभेद और नेतृत्व से असंतोष को कारण बताया जा रहा है।

दिल्ली में पोस्टरों से सियासी माहौल गरमाया

दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक से पहले कई इलाकों में राजनीतिक पोस्टर लगाए गए, जिनमें कांग्रेस और राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए गए हैं। इन पोस्टरों में विपक्षी गठबंधन के भीतर असहमति और टकराव को उजागर करने वाले पुराने बयानों का उल्लेख किया गया है। कुछ पोस्टरों में यह संदेश दिया गया है कि जो दल आपस में एकजुट नहीं हैं, वे देश की राजनीति में मजबूत विकल्प कैसे बन सकते हैं। इससे राजधानी का राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है।

राहुल गांधी के नेतृत्व पर पुराने बयान फिर चर्चा में

पोस्टरों में कई विपक्षी नेताओं के पुराने बयान भी शामिल किए गए हैं, जिनमें कांग्रेस और राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए गए थे। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का एक बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर टिप्पणी की थी। इसके अलावा DMK नेता उदयनिधि स्टालिन के बयान का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के रिश्तों को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। इन बयानों के सार्वजनिक रूप से सामने आने के बाद राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

कांग्रेस पर बढ़ता दबाव और विपक्षी एकता की चुनौती

हाल के दिनों में कांग्रेस को लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर INDIA गठबंधन को मजबूत करने की कोशिशें चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर सहयोगी दलों और नेताओं की नाराजगी भी सामने आ रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं विपक्षी एकता की छवि को कमजोर कर सकती हैं और आगामी चुनावी रणनीति पर भी असर डाल सकती हैं।

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नेतृत्व को लेकर फिर उठे सवाल

हाल ही में एक इंटरव्यू में वरिष्ठ इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने भी राहुल गांधी की राजनीतिक क्षमता को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर को सार्वजनिक रूप से उनका बचाव करना पड़ा। इन घटनाओं ने कांग्रेस के भीतर और बाहर नेतृत्व को लेकर नई बहस छेड़ दी है।