India-Belgium Defence : पीएम मोदी और बेल्जियम पीएम की बड़ी सहमति, सैन्य आदान-प्रदान से क्या बदलेगा?

India-Belgium Defence: पीएम मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर अहम सहमति बनी है। सैन्य आदान-प्रदान, प्रशिक्षण, खुफिया जानकारी साझा करने और रक्षा सह-विकास व सह-उत्पादन के अवसर बढ़ेंगे। सवाल है कि इस नई साझेदारी से भारत की रक्षा क्षमता और रणनीतिक स्थिति कितनी मजबूत होगी, जानिए पूरी कहानी।

India-Belgium Defence

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 3, 2026

India-Belgium Defence : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत और बेल्जियम के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को द्विपक्षीय रिश्तों का महत्वपूर्ण आधार बताया। नई दिल्ली में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश सैन्य आदान-प्रदान और प्रशिक्षण गतिविधियों को और बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि साझा लोकतांत्रिक मूल्य, मजबूत बाजार अर्थव्यवस्था और दोनों देशों के लोगों के बीच करीबी संबंध भारत तथा बेल्जियम को स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं।

सैन्य आदान-प्रदान और प्रशिक्षण को मिलेगा विस्तार

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग अब नए चरण में प्रवेश कर रहा है। सरकारों और रक्षा उद्योगों के बीच हुए समझौतों से सैन्य उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन के नए अवसर तैयार होंगे। इससे दोनों देशों की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के साथ अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। भारत और बेल्जियम सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर आपसी समन्वय बढ़ाने की दिशा में भी आगे बढ़ेंगे।

खुफिया जानकारी साझा करने पर भी जोर

रक्षा सहयोग के साथ दोनों देशों ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और बेल्जियम खुफिया जानकारी साझा करने तथा अपराध से निपटने के लिए आपसी तालमेल को और मजबूत करेंगे। बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में दोनों देशों के बीच इस तरह का संस्थागत सहयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पारंपरिक रिश्तों से आगे बढ़ी साझेदारी

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत-बेल्जियम संबंधों का दायरा काफी विस्तृत हुआ है। दोनों देशों का सहयोग अब पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा नवाचार, आधुनिक तकनीक और टिकाऊ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक पहुंच गया है। उन्होंने जोरावर लाइट टैंक से जुड़े सहयोगी प्रोजेक्ट्स और आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में ग्रीन अमोनिया परियोजना का भी उल्लेख किया। ये पहल दोनों देशों के बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को दर्शाती हैं।

प्रथम विश्व युद्ध की साझा विरासत का जिक्र

भारत और बेल्जियम के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में हजारों भारतीय सैनिकों ने साहस और बलिदान का परिचय दिया था, जो दोनों देशों की साझा ऐतिहासिक स्मृतियों का हिस्सा है। आज लोकतांत्रिक मूल्यों, बाजार आधारित अर्थव्यवस्था और मजबूत जनसंपर्क ने दोनों देशों को एक-दूसरे का स्वाभाविक साझेदार बनाया है।

आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत की तेज वृद्धि

वैश्विक अस्थिरता का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। भोजन, ईंधन और वैश्विक सप्लाई चेन पर भी अनिश्चितता का असर दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी रफ्तार बरकरार रखी है। पीएम मोदी के मुताबिक, पिछली तिमाही में भारत ने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और देश की विकास यात्रा वैश्विक स्तर पर नए अवसरों तथा भरोसे का स्रोत बन रही है।

पांच वर्षों में दोगुना होगा द्विपक्षीय व्यापार

प्रधानमंत्री ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को आर्थिक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि व्यापारिक संभावनाओं को वास्तविक परिणामों में बदलने के लिए कई संस्थागत कदम उठाए गए हैं। भारत में बेल्जियम की कंपनियों के लिए ‘इन्वेस्टमेंट फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म’ बनाया गया है। इसके अलावा भारत-बेल्जियम बिजनेस फोरम को नियमित तंत्र बनाने और वित्तीय, फिनटेक तथा नियामकीय संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों पर साझेदारी

भारत और बेल्जियम ने स्वच्छ ऊर्जा तथा भरोसेमंद सप्लाई चेन को अपनी साझा प्राथमिकताओं में शामिल किया है। रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में हुए समझौते से दोनों देशों के सतत विकास संबंधी सहयोग को गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही महत्वपूर्ण खनिजों की प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग में साझेदारी बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। यह सहयोग भविष्य में स्वच्छ ऊर्जा और रणनीतिक संसाधनों की जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकता है।

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में IMEC से सहयोग की तैयारी

प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बेल्जियम की विशेषज्ञता और भारत की बड़े पैमाने पर उत्पादन क्षमता को एक-दूसरे का पूरक बताया। दोनों देश बेल्जियम के आईएमईसी संस्थान को भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम से जोड़ने की दिशा में काम करेंगे। इससे अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

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