India Bangladesh Relations: संसद के बजट सत्र के दौरान भारत और बांग्लादेश के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर चर्चा गर्म रही। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के सांसदों ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि क्या वर्तमान में दोनों देशों के बीच संबंध संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या पाकिस्तान इस स्थिति का लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है और क्या सरकार ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक, खासकर हिंदू समुदाय, की सुरक्षा को लेकर कोई कदम उठाया है।
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संसद में उठाए गए सवाल
लोकसभा में जदयू सांसद गिरिधारी यादव, दिनेश चंद्र यादव और रामप्रीत मंडल ने विदेश मंत्री से पूछा कि भारत-बांग्लादेश संबंधों की वर्तमान स्थिति क्या है। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से संबंधित मामलों पर भारत की क्या भूमिका रही है और क्या सरकार ने इस बारे में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से बातचीत की है। सांसदों ने विशेष रूप से हिंदू समुदाय के प्रति संभावित खतरे पर चिंता व्यक्त की।
विदेश राज्य मंत्री का जवाब
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने जवाब देते हुए बताया कि भारत और बांग्लादेश के बीच गहरे ऐतिहासिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध हैं। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंध मुख्य रूप से दोनों देशों की जनता के विकास और कल्याण पर केंद्रित हैं। भारत और बांग्लादेश के बीच विभिन्न संस्थागत तंत्र के माध्यम से नियमित बैठकें और आदान-प्रदान होते रहते हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि भारत बांग्लादेश में लोकतांत्रिक, स्थिर और समावेशी शासन के समर्थन में सभी प्रासंगिक संवादों में सक्रिय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के संबंध तीसरे देशों के साथ उनके संबंधों से स्वतंत्र हैं। भारत लगातार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर नजर रखता है और उनके जीवन, स्वतंत्रता और कल्याण की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाता है।
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अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सरकार की पहल
विदेश राज्य मंत्री ने संसद को बताया कि प्रधानमंत्री ने 4 अप्रैल 2025 को बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के साथ बैठक में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। इसके अलावा विदेश मंत्री ने 16 फरवरी 2025 को विदेश सलाहकार तौहीद हुसैन के साथ बैठक में इस विषय पर चर्चा की। भारत सरकार लगातार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से संबंधित रिपोर्टों पर नजर रख रही है और आवश्यक कदम उठा रही है।
प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत बांग्लादेश में सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यक भी शामिल हैं। भारत के प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि बांग्लादेश सरकार अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी निभाए और सभी नागरिकों की स्वतंत्रता, जीवन और कल्याण सुरक्षित रहे।
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