India-Bangladesh: खलीलुर रहमान ने दिल्ली में उठाई शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग, क्या होगा भारत का फैसला?

बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने दिल्ली पहुंचकर शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग को लेकर हलचल तेज कर दी है। ट्रिब्यूनल द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद अब गेंद भारत के पाले में है। क्या भारत अपने पुराने मित्र को ढाका के हवाले करेगा या कूटनीतिक कवच देगा?

India-Bangladesh:

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 9, 2026

India-Bangladesh: भारत और बांग्लादेश के बीच बीते वर्ष उपजे असाधारण तनाव के बाद अब ढाका संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है। इसी सकारात्मक बदलाव की कड़ी में बांग्लादेश के नवनियुक्त विदेश मंत्री खलीलुर रहमान अपनी पहली विदेश यात्रा पर नई दिल्ली पहुँचे हैं। फरवरी 2026 में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के सत्ता संभालने के बाद यह किसी शीर्ष नेता का पहला उच्च स्तरीय भारतीय दौरा है। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच जमी बर्फ को पिघलाने और भविष्य के सहयोग की नींव रखने के रूप में देखा जा रहा है।

प्रत्यर्पण की मांग और भारत का रुख: शेख हसीना के मुद्दे पर चर्चा

बुधवार को खलीलुर रहमान ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के साथ गहन मंत्रणा की। ढाका द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, रहमान ने भारत में रह रही पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल के प्रत्यर्पण का अनुरोध एक बार फिर दोहराया। ज्ञात हो कि बांग्लादेशी न्यायाधिकरण इन्हें मृत्युदंड सुना चुका है। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की, जिससे स्पष्ट है कि भारत इस मामले को अत्यंत सावधानी से देख रहा है।

“बांग्लादेश प्रथम” की नीति: तारिक रहमान सरकार का नया दृष्टिकोण

बैठक के दौरान खलीलुर रहमान ने बांग्लादेश की नई विदेश नीति के सिद्धांतों को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार “बांग्लादेश प्रथम” (Bangladesh First) के सिद्धांत पर चलेगी। यह नीति पारस्परिक विश्वास, संप्रभुता के सम्मान और साझा लाभ पर आधारित होगी। रहमान ने छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों को पकड़ने में भारतीय सहयोग के लिए आभार भी जताया। दोनों पक्ष प्रत्यर्पण संधि के तहत कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने पर सहमत दिखे।

शेख हसीना का प्रवास: द्विपक्षीय संबंधों में बाधा नहीं बनेगा यह मुद्दा

अगस्त 2024 के हिंसक विद्रोह के बाद से शेख हसीना भारत में शरण लिए हुए हैं। बांग्लादेशी सूत्रों के अनुसार, एस. जयशंकर और खलीलुर रहमान के बीच इस बात पर मौन सहमति बनी है कि शेख हसीना की भारत में मौजूदगी द्विपक्षीय संबंधों के विकास में रोड़ा नहीं बननी चाहिए। दोनों पक्षों ने पिछली अंतरिम सरकार के समय पैदा हुई कड़वाहट को पीछे छोड़ते हुए ऊर्जा, सुरक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर विस्तार से चर्चा की।

तीन दिवसीय यात्रा का एजेंडा: ऊर्जा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान

रहमान की तीन दिवसीय भारत यात्रा काफी व्यस्त रही है। जयशंकर और डोभाल के अलावा उन्होंने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी मुलाकात की। इस दौरान भारत से बांग्लादेश को होने वाली ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा ग्रिड को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। भारत ने स्पष्ट किया कि वह बांग्लादेश की नई लोकतांत्रिक सरकार के साथ रचनात्मक जुड़ाव (Constructive Engagement) के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

भारत का आश्वासन: बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा प्रक्रिया होगी आसान

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल को एक बड़ी राहत देते हुए आश्वासन दिया है कि आने वाले हफ्तों में वीजा सेवाओं में सुधार किया जाएगा। विशेष रूप से चिकित्सा (Medical) और व्यापारिक (Business) वीजा के लिए आवेदन प्रक्रिया को और अधिक सरल और तेज बनाया जाएगा। एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों की राय काफी हद तक मेल खाती है और दोनों पक्ष निरंतर संपर्क बनाए रखने पर सहमत हुए हैं।

Read More:  Humayun Kabir BJP Deal : हुमायूं कबीर का ₹1000 करोड़ की डील वाला वीडियो वायरल, PMO के नाम पर मचा घमासान