INDIA Alliance : राहुल के नेतृत्व पर शिवराज का बड़ा दावा, अखिलेश समेत सहयोगियों को लेकर क्या बोले?

INDIA Alliance की बैठक के बीच राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर सियासत गरमा गई है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया कि गठबंधन के सहयोगी राहुल को नेता मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी और उद्धव ठाकरे के वर्चुअल जुड़ने का हवाला भी दिया।

INDIA Alliance

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 30, 2026

INDIA Alliance : SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर निशाना साधा है। शिवराज ने कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद आत्ममंथन करने के बजाय लगातार आरोप लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मानो तय कर लिया है कि वह अपनी कार्यशैली में बदलाव नहीं करेगी।

राहुल गांधी को लेकर शिवराज ने कसा तंज

शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि राहुल गांधी को बार-बार ‘रिलॉन्च’ करने की कोशिश की जा रही है। शिवराज के मुताबिक, विपक्षी गठबंधन के भीतर ही राहुल गांधी को सर्वसम्मति से नेता के तौर पर स्वीकार किए जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने इसी आधार पर सवाल उठाया कि जब कांग्रेस के भीतर ही राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर सवाल हैं, तो देश उन्हें नेता के रूप में कैसे स्वीकार करेगा।

INDIA बैठक से पहले नेताओं की गैरमौजूदगी का मुद्दा

INDIA गठबंधन की 30 सितंबर को दिल्ली में बैठक हुई, जिसका प्रमुख एजेंडा SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रणनीति तैयार करना था। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। हालांकि, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव व्यक्तिगत रूप से बैठक में शामिल नहीं हुए और उनकी पार्टी ने प्रतिनिधियों को भेजा। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे भी व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं थे और वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

‘बैठक शुरू होने से पहले ही गठबंधन बिखर गया’

इन्हीं परिस्थितियों को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने INDIA गठबंधन पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि बैठक शुरू होने से पहले ही गठबंधन बिखर गया। उन्होंने अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे की गैरमौजूदगी का उल्लेख करते हुए विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठाए। हालांकि, बैठक से अनुपस्थित नेताओं के अपने-अपने कारण भी सामने आए हैं। सपा की ओर से बताया गया कि अखिलेश यादव राज्यसभा चुनाव में नामांकन प्रक्रिया को लेकर व्यस्त थे और उन्होंने पार्टी नेताओं को बैठक में भेजा था।

कांग्रेस के भीतर राहुल के नेतृत्व पर शिवराज का तंज

शिवराज ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक का भी उल्लेख किया। उन्होंने राहुल गांधी के उस कथित आग्रह पर तंज कसा, जिसमें राहुल ने लोगों से उन पर भरोसा और विश्वास करने की बात कही थी। शिवराज ने इसी बयान को आधार बनाकर कहा कि इसका अर्थ यह है कि कांग्रेस को ही राहुल गांधी पर भरोसा नहीं है। यह टिप्पणी शिवराज की राजनीतिक प्रतिक्रिया है और कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर अलग राजनीतिक रुख रखा जाता रहा है।

SIR के मुद्दे पर विपक्ष की संयुक्त रणनीति

INDIA गठबंधन की बैठक का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर संयुक्त राजनीतिक रणनीति बनाना था। विपक्षी दल CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और SIR से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा कर रहे हैं। बैठक से पहले ही विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ देशव्यापी अभियान की तैयारी के संकेत दिए थे।

राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ी SIR विवाद की गर्मी

SIR को लेकर जारी विवाद अब चुनावी प्रक्रिया के साथ-साथ राजनीतिक नेतृत्व और विपक्षी एकता का मुद्दा भी बन गया है। एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा नेता इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन की रणनीति पर निशाना साध रहे हैं। ऐसे में SIR विवाद के साथ राहुल गांधी के नेतृत्व और INDIA गठबंधन की आंतरिक समन्वय क्षमता पर राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।

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