UP Flood: कुशीनगर में नारायणी नदी के एपी तटबंध टूटने के बाद बाढ़ से प्रभावित इलाकों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कुशीनगर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने तटबंध टूटने वाले स्थान का हवाई सर्वेक्षण किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने राहत सामग्री किट और लंच पैकेट भी वितरित किए।
कुशीनगर बाढ़ में नेपाल से आया पानी बना बड़ी वजह

बताते चले कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कई वर्षों के बाद इस तरह की बाढ़ की स्थिति सामने आई है। नेपाल में हुई भारी बारिश के कारण बड़ी मात्रा में पानी अचानक नीचे की ओर आया, जिससे नारायणी नदी का जलस्तर और प्रवाह तेजी से बढ़ गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही स्थिति में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में पूरी सरकार प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है।
नारायणी नदी का जलप्रवाह बढ़कर साढ़े पांच लाख क्यूसेक पहुंचा
आपको बता दे कि, लगातार चार दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में अतिवृष्टि की स्थिति बनी। नेपाल में हुई भारी बारिश का पानी नारायणी नदी में पहुंचने से नदी का प्रवाह अचानक बढ़ गया। सामान्य दिनों में नदी में करीब 3 से 4 लाख क्यूसेक पानी रहता था, जबकि बाढ़ के दौरान यह बढ़कर करीब साढ़े पांच लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। अत्यधिक दबाव के कारण एपी तटबंध टूट गया और कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए।
राहत-बचाव में NDRF, SDRF और PAC की टीमें तैनात
प्रशासन ने तटबंध टूटने से पहले ही स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। बाढ़ राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ की दो टीमें, एसडीआरएफ की दो टीमें और पीएसी की फ्लड यूनिट तैनात की गई हैं। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अभियंता मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत दल लगातार काम कर रहे हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कार्रवाई की जा रही है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 5,000 राहत सामग्री पैकेट तैयार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री के 5,000 पैकेट उपलब्ध कराए गए हैं। प्रत्येक पैकेट में करीब 50 किलो सामग्री है। इसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, 2 किलो दाल के साथ लाई, चना, तेल, मसाले, नमक और बाल्टी समेत कुल 35 तरह की जरूरी सामग्री शामिल है। मुख्यमंत्री ने राहत वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बाढ़ में जनहानि पर 4 लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यदि किसी व्यक्ति की जनहानि हुई है तो संबंधित परिवार को आपदा राहत के तहत तत्काल 4 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत राशि उपलब्ध कराने में किसी तरह की देरी न हो और प्रभावित परिवारों की जरूरतों का तत्काल आकलन किया जाए।
क्षतिग्रस्त मकानों को मिलेगा मुआवजा, नए घर की भी व्यवस्था

बाढ़ में पूरी तरह नष्ट हुए मकानों के परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नया आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन मकानों की मरम्मत संभव है, उनके लिए भी आवश्यक आर्थिक सहायता देने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर पात्र लोगों तक सरकारी सहायता जल्द पहुंचाने को कहा।
कुशीनगर बाढ़ से धान, गन्ना और सब्जियों की फसल प्रभावित
बाढ़ का असर किसानों की फसलों पर भी पड़ने की आशंका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 15 से 16 गांवों में बड़े पैमाने पर फसल प्रभावित हो सकती है। खासतौर पर धान, गन्ना और सब्जियों की फसलों को नुकसान की आशंका जताई गई है। उन्होंने अधिकारियों को फसल क्षति का सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को अगले 10 दिनों में मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बाढ़ के बाद स्वास्थ्य शिविर, एंटी-स्नेक वेनम और एंटी-रेबीज वैक्सीन के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र में अगले 5 से 6 दिनों तक स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों और अन्य संक्रमणों से बचाव के लिए जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी-स्नेक वेनम तथा एंटी-रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में लोगों को तत्काल उपचार मिल सके।
राहत शिविरों में पका भोजन, बिजली और जनरेटर की व्यवस्था
जिन गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है या जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने शिविरों में पका हुआ भोजन, बिजली और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जनरेटर के जरिए रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रभावित लोगों को अंधेरे में रहने की परेशानी न हो।
नारायणी नदी ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन से स्थायी समाधान की तैयारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल राहत के साथ भविष्य में बाढ़ की समस्या से निपटने के स्थायी उपायों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो नारायणी नदी की ड्रेजिंग कर उसे चैनलाइज किया जाना चाहिए। नदी से निकलने वाली सिल्ट को दोनों किनारों पर डालने से किसानों के खेतों को नुकसान से बचाया जा सकता है। नदी की गहराई बढ़ने से उसके प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
तटबंध को मजबूत करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को पूरे तटबंध की मजबूती पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट से निपटने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में तटबंध दोबारा न टूटे और आसपास के गांवों को बाढ़ से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। सरकार ने राहत, बचाव, स्वास्थ्य, आवास, फसल क्षति और तटबंध सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही।
इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सांसद शशांक मणि और विजय कुमार दूबे, विधायक डॉ. असीम कुमार और सुरेंद्र कुमार कुशवाहा समेत प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को प्रभावित लोगों के बीच रहकर राहत कार्यों में सहयोग करने के निर्देश दिए।










