Delhi Pollution: AQI हजार पार होने से मचा हड़कंप, यूपी-हरियाणा के इन शहरों में सांसों पर संकट

Delhi Pollution: सर्दियों की शुरुआत और दीपावली के बाद देश के कई हिस्सों में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ गया है। पराली जलाने, पटाखों के धुएं और मौसम में बदलाव के कारण हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगी है। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के 43 शहरों में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। कई स्थानों पर हवा में प्रदूषण का स्तर सामान्य से कई गुना अधिक दर्ज किया गया। Delhi Pollution: दिल्ली-NCR में सख्ती बढ़ी, निर्माण कार्यों पर रोक, जानें वर्क बठिंडा

यूपी-हरियाणा के इन शहरों में सांसों पर संकट

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

नवम्बर 6, 2026

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Delhi Pollution: सर्दियों की शुरुआत और दीपावली के बाद देश के कई हिस्सों में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ गया है। पराली जलाने, पटाखों के धुएं और मौसम में बदलाव के कारण हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगी है। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के 43 शहरों में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। कई स्थानों पर हवा में प्रदूषण का स्तर सामान्य से कई गुना अधिक दर्ज किया गया।

Delhi Pollution: दिल्ली-NCR में सख्ती बढ़ी, निर्माण कार्यों पर रोक, जानें वर्क

बठिंडा और पानीपत में AQI ने पार किया 1000 का आंकड़ा

देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में पंजाब का बठिंडा पहले स्थान पर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 1069 दर्ज किया गया। वहीं, हरियाणा के पानीपत में AQI 1003 तक पहुंच गया। इन आंकड़ों ने प्रदूषण की गंभीर स्थिति को उजागर किया है। दोनों शहरों की हवा में प्रदूषक तत्वों की अधिकता के कारण लोगों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है।

मेरठ, हापुड़ और गाजियाबाद की हवा भी जहरीली

सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में उत्तर प्रदेश का मेरठ 961 AQI के साथ तीसरे स्थान पर रहा। हापुड़ में 899, गाजियाबाद में 844 और नोएडा में 824 AQI दर्ज किया गया। हरियाणा के सिरसा में 938, सोनीपत में 917, रोहतक में 847 और फरीदाबाद में 821 AQI रहा। टॉप-10 प्रदूषित शहरों में हरियाणा के पांच और उत्तर प्रदेश के चार शहर शामिल हैं। इससे साफ है कि उत्तर भारत में प्रदूषण का संकट लगातार गंभीर हो रहा है।

दिल्ली-NCR में भी सांस लेना हुआ मुश्किल

दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई। ग्रेटर नोएडा में AQI 795, नई दिल्ली में 729 और गुरुग्राम में 647 रहा। प्रदूषण के इस स्तर पर लंबे समय तक सांस लेना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

दिल्ली-NCR में GRAP का दूसरा चरण लागू

दिल्ली-NCR में GRAP का दूसरा चरण लागू
दिल्ली-NCR में GRAP का दूसरा चरण लागू

बिगड़ते हालात को देखते हुए दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी GRAP का दूसरा चरण लागू कर दिया गया है। इसके तहत प्रदूषण कम करने के लिए कई प्रतिबंधात्मक और नियंत्रण संबंधी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य सड़कों की धूल, वाहनों से निकलने वाले धुएं और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों पर नियंत्रण करना है।

धूल और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर प्रशासन सख्त

प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सड़कों की नियमित सफाई और पानी का छिड़काव बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने के उद्देश्य से पार्किंग शुल्क बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा दिल्ली मेट्रो ने कार्यदिवसों में 20 अतिरिक्त ट्रेन फेरे शुरू किए हैं। यातायात का दबाव कम करने के लिए सरकारी कार्यालयों के समय में भी बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं।

दीपावली के बाद हर साल बिगड़ते हैं हालात

अधिकारियों के मुताबिक, सर्दियों के दौरान दिल्ली और उत्तर भारत के कई इलाकों में प्रदूषण की समस्या गंभीर हो जाती है। हवा की गति कम होने और मौसम में बदलाव के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा होने लगते हैं। दीपावली के आसपास पटाखों का धुआं और पराली जलाने की घटनाएं स्थिति को और खराब कर देती हैं। इस बार भी त्योहार के बाद प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा है।

मुंबई, कोलकाता और चेन्नई की हवा का हाल

मुंबई, कोलकाता और चेन्नई की हवा का हाल
मुंबई, कोलकाता और चेन्नई की हवा का हाल

देश के अन्य बड़े महानगरों में प्रदूषण की स्थिति उत्तर भारत के मुकाबले अपेक्षाकृत बेहतर रही। कोलकाता में AQI 204, मुंबई में 172 और हैदराबाद में 134 दर्ज किया गया। वहीं, चेन्नई में AQI 85 रहा। इन आंकड़ों से पता चलता है कि फिलहाल उत्तर भारत के शहर वायु प्रदूषण की सबसे गंभीर चुनौती का सामना कर रहे हैं।

प्रदूषण से बचने के लिए बरतें सावधानी

खराब हवा में लंबे समय तक रहने से खांसी, सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। प्रदूषण अधिक होने पर खुले में व्यायाम करने से बचें और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करें। आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता कैसी रहती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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