Independence Day 2026 : स्वतंत्रता दिवस समारोह में नहीं पहुंचे राहुल गांधी-खरगे, सामने आई बड़ी वजह

Independence Day 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाल किले पर 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे नजर नहीं आए। दोनों लगातार दूसरे साल समारोह से दूर रहे। पिछले वर्ष की सीटिंग को लेकर विवाद के बाद इस साल राहुल गांधी को प्रोटोकॉल के अनुसार आमंत्रण मिला था।

Independence Day

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 15, 2026

Independence Day 2026  : देश 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। हालांकि, इस बार भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे स्वतंत्रता दिवस समारोह में नजर नहीं आए। दोनों नेताओं की गैरमौजूदगी लगातार दूसरे साल चर्चा का विषय बनी हुई है।

लगातार दूसरी बार समारोह से अनुपस्थिति

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के समारोह में शामिल नहीं होने को लेकर कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खास बात यह है कि पिछले वर्ष भी दोनों नेता लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में मौजूद नहीं थे।

2024 में राहुल गांधी की सीट को लेकर हुआ था विवाद

साल 2024 का स्वतंत्रता दिवस समारोह राहुल गांधी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण था, क्योंकि वह पहली बार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के संवैधानिक पद पर रहते हुए लाल किले के कार्यक्रम में पहुंचे थे। हालांकि, उस दौरान उनकी बैठक व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे। राहुल गांधी को समारोह में पीछे की कतार में बैठाया गया था।

कांग्रेस ने सरकार पर साधा था निशाना

राहुल गांधी को पीछे की पंक्ति में जगह दिए जाने पर कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की आलोचना की थी। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया था कि सरकार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा का सम्मान नहीं कर रही है। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी को पांचवीं पंक्ति में बैठाने के फैसले से सरकार की मानसिकता दिखाई देती है, हालांकि इससे राहुल गांधी को कोई फर्क नहीं पड़ता।

2024 में पहली बार नेता प्रतिपक्ष बने राहुल

राहुल गांधी ने 2024 के स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर हिस्सा लिया था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद कई वर्षों तक खाली रहा था। इसकी प्रमुख वजह यह थी कि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में किसी विपक्षी दल के पास सदन की कुल सदस्य संख्या का आवश्यक 10 प्रतिशत आंकड़ा नहीं था।

कांग्रेस के पास नहीं था जरूरी 55 सीटों का आंकड़ा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा हासिल करने के लिए किसी पार्टी के पास सदन की कुल सदस्य संख्या का कम से कम 10 प्रतिशत होना आवश्यक माना जाता है। 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं, जबकि 2019 में पार्टी की संख्या बढ़कर 52 हुई थी। दोनों ही चुनावों में कांग्रेस आवश्यक 55 सांसदों के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी थी।

2024 में 99 सीटों के साथ बदली तस्वीर

2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया और पार्टी को कुल 99 सीटें मिलीं। इसके बाद राहुल गांधी को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मिली। यह राहुल गांधी का संसद में पहला औपचारिक संवैधानिक पद भी बना। इसके साथ ही कांग्रेस को लंबे अंतराल के बाद लोकसभा में आधिकारिक नेता प्रतिपक्ष का पद मिला।

इस बार अनुपस्थिति को लेकर बनी राजनीतिक चर्चा

2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की अनुपस्थिति ऐसे समय हुई है, जब केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर लगातार मतभेद देखने को मिल रहे हैं। हालांकि, दोनों नेताओं के समारोह में नहीं पहुंचने की वजह को लेकर कांग्रेस की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल उनकी अनुपस्थिति को लेकर किसी निश्चित राजनीतिक कारण का दावा करना उचित नहीं होगा।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में विपक्ष की भूमिका भी अहम

स्वतंत्रता दिवस का लाल किला समारोह देश के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन होता है, जिसमें सत्ता पक्ष के साथ विपक्षी नेताओं की मौजूदगी भी लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा मानी जाती है। ऐसे में राहुल गांधी और खरगे की लगातार दूसरे वर्ष अनुपस्थिति ने राजनीतिक चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है। पीएम मोदी के संबोधन के बीच विपक्ष के प्रमुख नेताओं की गैरमौजूदगी पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का इंतजार है।

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