IND vs WI 3rd ODI में हार के बाद शुभमन गिल का बड़ा बयान, वर्ल्ड कप से पहले जताई चिंता

भारत को तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज के हाथों 5 विकेट से हार मिली। भारत ने 351 रन बनाए, लेकिन वेस्टइंडीज ने 352 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने खराब फील्डिंग और डेथ बॉलिंग पर चिंता जताई और कहा कि वर्ल्ड कप से पहले सुधार जरूरी है।

IND vs WI 3rd ODI

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 4, 2026

IND vs WI 3rd ODI : भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली गई तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज का समापन हो गया है। हालांकि टीम इंडिया ने पहले ही शुरुआती दो मुकाबले जीतकर सीरीज पर कब्जा जमा लिया था, लेकिन आखिरी मैच में वह क्लीन स्वीप करने से पूरी तरह चूक गई। न्यू चंडीगढ़ के मैदान पर खेले गए सीरीज के इस तीसरे और अंतिम मुकाबले में भारतीय टीम को पांच विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा।

टॉस जीतकर भारत ने बनाया बड़ा स्कोर

मुकाबले की शुरुआत में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम ने निर्धारित पचास ओवरों के खेल में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 351 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। बल्लेबाजों ने स्कोरबोर्ड पर बड़ा लक्ष्य टांग दिया था, लेकिन वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने आक्रामक शुरुआत करते हुए इस लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लिया और सीरीज का अंत जीत के साथ किया।

शे होप की नाबाद तूफानी पारी

वेस्टइंडीज की इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े और मुख्य नायक कप्तान शे होप रहे। उन्होंने बेहद दबाव से भरे इस मुकाबले में मैदान पर डटे रहकर शानदार बल्लेबाजी की और नाबाद 162 रनों की तूफानी पारी खेली। होप की इस बेहतरीन और शतकीय पारी ने न केवल वेस्टइंडीज को मैच जिताया, बल्कि टीम को सीरीज में क्लीन स्वीप होने से बचाने में भी सबसे बड़ी भूमिका निभाई।

डेथ ओवर्स और खराब फील्डिंग बनी चिंता

तीसरे वनडे में मिली इस हार के बाद भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने खुलकर बात की। उन्होंने मैच के बाद टीम की कमियों को स्वीकार करते हुए खास तौर पर डेथ ओवर्स की गेंदबाजी और लचर फील्डिंग में तुरंत सुधार करने की जरूरत बताई। गिल के मुताबिक, पूरी सीरीज के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने कई महत्वपूर्ण मौकों पर बेहद आसान कैच छोड़े हैं।

सीरीज के दौरान छूटे छह से सात कैच

कप्तान शुभमन गिल ने खुलासा किया कि पूरी सीरीज के दौरान भारतीय फील्डर्स ने लगभग छह से सात जीवनदान विपक्षी बल्लेबाजों को दिए। उनके अनुसार, आने वाले आगामी विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले इस तरह की बुनियादी गलतियां टीम के लिए कतई अच्छा संकेत नहीं हैं। कप्तान ने कहा कि टीम को अपनी फील्डिंग को दुनिया के शीर्ष स्तर पर ले जाना होगा।

डेथ बॉलिंग में रणनीति स्पष्ट करने की जरूरत

गिल ने मैच के बाद डेथ ओवर्स की गेंदबाजी को लेकर भी रणनीतिक स्पष्टता पर जोर दिया। उनका कहना था कि कई बार टीम के गेंदबाज यह तय नहीं कर पाते कि उस समय पूरी तरह आक्रामक गेंदबाजी करनी है या रन रोकने के लिए रक्षात्मक रणनीति अपनानी है। जब विपक्षी टीम के विकेट गिर चुके होते हैं, तब यह असमंजस और ज्यादा बढ़ जाता है।

मिडिल और डेथ ओवर्स के बीच संतुलन जरूरी

भारतीय कप्तान के मुताबिक, डेथ ओवर्स के दौरान यह बिल्कुल स्पष्ट होना जरूरी है कि टीम अभी मिडिल ओवर्स वाली योजना पर चल रही है या पूरी तरह डेथ बॉलिंग मोड में आ चुकी है। फील्डिंग की सजावट और गेंदबाजी की पूरी योजना भी इसी के हिसाब से तय होती है। गिल ने माना कि इन दोनों अहम पहलुओं में भारतीय टीम को भविष्य में निश्चित रूप से बेहतर करना होगा।

भारत ने सीरीज में कई सकारात्मक चीजें कीं

इस हार के बावजूद कप्तान शुभमन गिल ने सकारात्मक पक्ष रखते हुए माना कि इस पूरी सीरीज में टीम इंडिया ने कई अच्छी चीजें भी कीं। उन्होंने कहा कि पूरी सीरीज के दौरान टीम का प्रदर्शन हर विभाग में खराब नहीं रहा था। हालांकि, कुछ बेहद महत्वपूर्ण हिस्सों में हुई छोटी-छोटी रणनीतिक गलतियों के कारण ही टीम को इस तीसरे मुकाबले में हार का मुंह देखना पड़ा।

ओस ने बढ़ाई गेंदबाजों की मुश्किलें

गिल ने यह भी बताया कि तीसरे वनडे मुकाबले के दौरान मैदान पर ओस का असर साफ देखने को मिला था। उनके अनुसार, ओस के कारण भारतीय टीम रणनीतिक रूप से करीब चार ओवर पीछे रह गई और खेल के अंतिम चरण में वेस्टइंडीज ने मुकाबले पर अपनी पूरी पकड़ मजबूत कर ली। भारत को लगा था कि मैच नियंत्रण में है, लेकिन आखिरी ओवर्स में पासा पलट गया।

जल्दी आउट होने पर कप्तान हुए निराश

व्यक्तिगत तौर पर भी भारतीय कप्तान शुभमन गिल के लिए यह तीसरा वनडे मुकाबला यादगार नहीं रहा। वह बल्लेबाजी करते हुए केवल एक रन के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गए। मैच के बाद उन्होंने अपनी असफलता पर निराशा जताई। हालांकि, उन्होंने आउट होने वाली गेंद के बारे में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उस अजीब स्थिति में वह इससे बेहतर कुछ और प्रयास कर सकते थे।

विश्व कप से पहले सुधार पर रहेगा पूरा ध्यान

वेस्टइंडीज के खिलाफ इस सीरीज का परिणाम भारत के पक्ष में रहा, लेकिन तीसरे मैच की हार ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शुभमन गिल ने साफ कर दिया है कि फील्डिंग, डेथ ओवर्स की गेंदबाजी और रणनीतिक फैसलों में सुधार की तत्काल आवश्यकता है। विश्व कप से पहले भारतीय टीम इन क्षेत्रों को मजबूत करने पर काम करेगी ताकि भविष्य में दबाव वाले मैचों में नुकसान न हो।