IND vs ENG: दूसरे टी20 में टीम इंडिया की हार की 4 बड़ी वजहें, इंग्लैंड ने ऐसे पलटा मैच

मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 में भारत ने 190/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया, लेकिन इसके बावजूद इंग्लैंड ने 4 विकेट से मुकाबला जीत लिया। मैच में कई मोड़ आए, जहां भारतीय गेंदबाज दबाव नहीं बना सके और फील्डिंग भी कमजोर रही। आखिर किन 4 बड़ी वजहों से भारत यह मैच हार गया? पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 5, 2026

IND vs ENG:  मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को इंग्लैंड के हाथों एक करीबी और रोमांचक हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस मैच में भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, लेकिन अंत में मेजबान टीम के जैकब बेथेल की तूफानी नाबाद पारी ने टीम इंडिया के अरमानों पर पानी फेर दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 190 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। एक समय मैच पूरी तरह भारत की पकड़ में था, जब इंग्लैंड ने 133 के स्कोर पर अपने 5 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। इंग्लैंड को अंतिम 28 गेंदों में जीत के लिए 58 रनों की दरकार थी, लेकिन बेथेल ने भारतीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए इंग्लैंड को सीरीज में 1-0 की बढ़त दिला दी।

ईशान किशन की धीमी पारी बनी बाधा

ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच बल्लेबाजों के लिए अत्यंत अनुकूल थी, जहां रन बनाना अपेक्षाकृत आसान था। इस सपाट पिच पर भारतीय ओपनर ईशान किशन की बल्लेबाजी बेहद निराशाजनक रही। उन्होंने 49 रनों की पारी खेलने के लिए 40 गेंदें बर्बाद कर दीं। टी20 प्रारूप के आधुनिक क्रिकेट और ऐसी पिच के लिहाज से उनका स्ट्राइक रेट काफी साधारण था। यदि ईशान ने मध्य ओवरों में थोड़ी तेजी दिखाई होती, तो भारतीय टीम का कुल स्कोर आसानी से 210 रनों के पार जा सकता था, जो इस मैच का परिणाम बदलने के लिए पर्याप्त होता।

रवि बिश्नोई की अनुशासनहीन गेंदबाजी और नो-बॉल का कहर

भारतीय लेग स्पिनर रवि बिश्नोई के लिए यह मैच किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। उन्होंने अपने चार ओवरों के कोटे में बिना कोई विकेट लिए 60 रन लुटा दिए। बिश्नोई की गेंदबाजी की सबसे बड़ी खामी उनकी तीन ‘नो-बॉल’ रहीं। टी20 क्रिकेट जैसे छोटे प्रारूप में नो-बॉल फेंकना विपक्षी टीम को फ्री-हिट का तोहफा देने जैसा है, जिससे मैच का रुख बदल सकता है। दबाव के इन महत्वपूर्ण क्षणों में बिश्नोई अपनी लाइन और लेंथ पर बिल्कुल भी नियंत्रण नहीं रख सके, जिसका फायदा उठाकर इंग्लिश बल्लेबाजों ने खुलकर रन बनाए।

हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह का महंगा प्रदर्शन

युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा से भारतीय टीम को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वे लगातार दूसरे मैच में भी अपनी छाप छोड़ने में विफल रहे। उन्होंने 3 ओवरों में 30 रन खर्च किए और एक भी सफलता हासिल नहीं कर पाए। उनकी गेंदों में न तो पुरानी धार दिखी और न ही वे रनों की गति पर अंकुश लगा सके। वहीं, टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह, जिन्होंने शुरुआत में दो विकेट लेकर शानदार आगाज किया था, उनका एक ओवर मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। अपने दूसरे ओवर में अर्शदीप ने दिशाहीन गेंदबाजी करते हुए 27 रन लुटा दिए, जिससे इंग्लैंड की टीम को वह आत्मविश्वास मिला जिसकी उन्हें वापसी के लिए सख्त जरूरत थी।

जीत के करीब पहुंचकर बिखरी टीम इंडिया

भारतीय टीम इस मैच में जीत के बेहद करीब थी, लेकिन अनुशासित गेंदबाजी के अभाव में मैच हाथ से निकल गया। इंग्लैंड के लिए जैकब बेथेल की 46 गेंदों में 76 रनों की नाबाद पारी ने दिखा दिया कि टी20 क्रिकेट में अंत तक संयम बनाए रखना कितना जरूरी है। भारतीय टीम के लिए यह हार एक सबक है कि बड़े मैचों में छोटी-छोटी गलतियां जैसे नो-बॉल और एक महंगा ओवर किस तरह पूरी टीम की मेहनत पर पानी फेर सकते हैं। अब टीम इंडिया को अगले मैच में अपनी रणनीतियों और गेंदबाजी पर काफी काम करने की आवश्यकता है।

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