Income Tax Rules 2026: भारत सरकार के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आयकर नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। यह नया कानून 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और पुराने ‘आयकर अधिनियम 1981’ का स्थान लेगा। इस बदलाव का सीधा असर कर्मचारियों के भत्तों (Allowances), कार सुविधाओं और मिलने वाले उपहारों पर पड़ेगा। आइए जानते हैं इस संशोधित ढांचे की मुख्य बातें
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हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के नियमों में स्पष्टता
नई व्यवस्था के तहत महानगरों और प्रमुख शहरों के लिए HRA छूट के दायरे को और अधिक सुव्यवस्थित किया गया है।
- मेट्रो शहर: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई के साथ अब बेंगलुरु, पुणे, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे शहरों में रहने वाले कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी के 50% तक HRA छूट का दावा कर सकते हैं।
- अन्य शहर: शेष शहरों के लिए यह सीमा 40% निर्धारित है।
- नोट: यह लाभ केवल पुरानी टैक्स रिजीम चुनने वालों को मिलेगा; नई रिजीम में HRA छूट का प्रावधान नहीं है।
बच्चों की शिक्षा और हॉस्टल भत्ते में भारी वृद्धि

दशकों पुराने नियमों को बदलते हुए सरकार ने शिक्षा भत्ते में बड़ी राहत दी है:
- शिक्षा भत्ता: पहले मिलने वाले ₹100 प्रति माह को बढ़ाकर अब ₹3,000 प्रति माह (अधिकतम दो बच्चों के लिए) कर दिया गया है।
- हॉस्टल खर्च: इसे ₹300 से बढ़ाकर सीधे ₹9,000 प्रति माह कर दिया गया है।
कंपनी कार और ड्राइवर की सुविधा पर नया टैक्स ढांचा
निजी और आधिकारिक उपयोग के लिए दी गई कारों के मूल्यांकन के नियम अब इंजन क्षमता के आधार पर तय होंगे:
- 1.6 लीटर तक इंजन: कंपनी की कार होने पर ₹5,000 (कार) + ₹3,000 (ड्राइवर) प्रति माह का मूल्य टैक्स योग्य होगा।
- 1.6 लीटर से अधिक इंजन: यह राशि ₹7,000 (कार) + ₹3,000 (ड्राइवर) होगी।
- यदि कर्मचारी अपनी कार इस्तेमाल करता है और खर्च कंपनी उठाती है, तो खर्च की गई राशि में से इंजन क्षमता के अनुसार ₹5,000 या ₹7,000 की कटौती के बाद शेष राशि पर टैक्स लगेगा।
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घरेलू सहायक और उपयोगिता सेवाएं (Utilities)
यदि कंपनी कर्मचारी को माली, चौकीदार या सफाईकर्मी की सुविधा देती है, तो उनके वेतन को कर्मचारी की आय (Perquisite) मानकर टैक्स लगाया जाएगा। इसी तरह, बाहर से ली गई बिजली, पानी और गैस की आपूर्ति की वास्तविक लागत टैक्सेबल होगी।
उपहार और वाउचर पर टैक्स की सीमा
कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को दिए जाने वाले गिफ्ट या वाउचर अब ₹15,000 तक टैक्स-फ्री रहेंगे। यदि किसी वित्त वर्ष में उपहारों का कुल मूल्य इस सीमा को पार करता है, तो पूरी राशि कर योग्य आय में जोड़ दी जाएगी।
भोजन और मील कूपन के नियम
काम के घंटों के दौरान मिलने वाला मुफ्त भोजन या कैश वाउचर अब ₹200 प्रति मील तक कर-मुक्त है। नए नियमों में सरकारी वाहनों के उपयोग और फूड कूपन के प्रावधानों को भी सरल बनाया गया है।
टैक्स छूट के लिए कड़े दस्तावेजी प्रमाण
पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वालों के लिए पारदर्शिता बढ़ा दी गई है:
- HRA: यदि सालाना किराया ₹1,00,000 से अधिक है, तो मकान मालिक का पैन (PAN) और पता अनिवार्य है।
- LTA/LTC: यात्रा के वास्तविक खर्च के बिल जमा करना आवश्यक होगा।
- होम लोन: ब्याज पर कटौती के लिए ऋणदाता का पूरा विवरण देना होगा।









