Sri Lanka से शिफ्ट होगी पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी, नए मेजबान पर ICC लेगा फैसला

नई दिल्ली  इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने श्रीलंका से पहली बार होने वाली महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी का अधिकार छीन लिया है। नए मेजबान देश को लेकर फैसला आईसीसी की अगली बैठक में लिया जाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फैसला तब लिया गया जब आईसीसी ने तय किया कि वह श्रीलंका में टूर्नामेंट की मेजबानी के साथ आगे नहीं बढ़ सकता क्योंकि श्रीलंका क्रिकेट को सरकार द्वारा नियुक्त एक अंतरिम प्रशासन चला रहा है। 14 फरवरी से टूर्मामेंट की शुरुआत महिला क्रिकेट में अगले साल पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी खेली जाएगी जिसकी शुरुआत 14 फरवरी से होगी जबकि फाइनल

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Published On :

अगस्त 30, 2026

नई दिल्ली
 इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने श्रीलंका से पहली बार होने वाली महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी का अधिकार छीन लिया है। नए मेजबान देश को लेकर फैसला आईसीसी की अगली बैठक में लिया जाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फैसला तब लिया गया जब आईसीसी ने तय किया कि वह श्रीलंका में टूर्नामेंट की मेजबानी के साथ आगे नहीं बढ़ सकता क्योंकि श्रीलंका क्रिकेट को सरकार द्वारा नियुक्त एक अंतरिम प्रशासन चला रहा है।

14 फरवरी से टूर्मामेंट की शुरुआत
महिला क्रिकेट में अगले साल पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी खेली जाएगी जिसकी शुरुआत 14 फरवरी से होगी जबकि फाइनल मुकाबला 28 फरवरी 2027 को खेला जाना है। इस टूर्नामेंट में कुल छह टीमें हिस्सा लेंगी। 'संडे टाइम्स' की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि श्रीलंका ने टूर्नामेंट की मेजबानी का अधिकार खो दिया है और नए मेजबान देश का फैसला आईसीसी बोर्ड की अगली बैठक में किया जाएगा।

श्रीलंका से शिफ्ट होगा टूर्नामेंट
एसएलसी ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के सेक्रेटरी प्रकाश शैफ्टर ने साप्ताहिक अखबार से कहा, 'हां, इसे श्रीलंका से दूसरी जगह ले जाया गया है। यह टूर्नामेंट किसी दूसरी जगह पर खेला जाएगा, लेकिन अभी मुझे पक्का नहीं पता कि यह कहां खेला जाएगा।' इंटरनेशनल क्रिकेट संस्था का कहना है कि सदस्य देशों में सरकार का कोई दखल नहीं होना चाहिए। आईसीसी ने एसएलसी के प्रतिनिधियों को आईसीसी बोर्ड की बैठक में शामिल होने की इजाजत देने से भी मना कर दिया था, क्योंकि बोर्ड को एक ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी चला रही थी।

एसएलसी से की चुनाव कराने की मांग
पिछले महीने एक बयान में आईसीसी ने एसएलसी से जितनी जल्दी हो सके चुनाव कराने को कहा था। आईसीसी ने एक बयान में कहा था, 'आईसीसी बोर्ड को श्रीलंका क्रिकेट के बारे में जानकारी मिली और उन्होंने बदले हुए संविधान की दिशा में हुई प्रगति पर ध्यान दिया। उन्होंने जल्द से जल्द चुनाव कराने की जरूरत पर जोर दिया और इस बात पर सहमति जताई कि श्रीलंका क्रिकेट अभी के लिए आईसीसी बोर्ड की बैठकों में प्रतिनिधित्व करने में असमर्थ रहेगा।'

अंतरिम कमेटी ने खेल मंत्री को संविधान का एक ड्राफ्ट सौंपा है। प्रस्तावित बदलाव कानूनी प्रक्रिया से गुजरेंगे और फिर संसद में पेश किए जाएंगे। हालांकि, इस प्रक्रिया के जल्दी पूरी होने की संभावना नहीं है। इसके अलावा, श्रीलंका चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा लेने से भी पूरी तरह चूक सकता है। आईसीसी रैंकिंग में टॉप पांच टीमों के क्वालिफाई करने की उम्मीद है जबकि मेजबान देश छठी टीम होगी। श्रीलंकाई टीम अभी दुनिया में छठे नंबर पर है और अगर टूर्नामेंट को ऐसे देश में ले जाया जाता है जो आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष छह से बाहर है, तो श्रीलंका क्रिकेट टीम टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएगी।