वर्ष 2025-26 में 204 सूचनाकर्ताओं को मिला 5.05 लाख का रिवॉर्ड

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली चोरी की रोकथाम के लिए चलाई जा रही 'पारितोषिक योजना' को अब और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया  गया है। योजना के संशोधित प्रावधानों के अनुसार, बिजली के अवैध उपयोग की सटीक सूचना देने वाले सूचनाकर्ताओं को अब प्रोत्साहन राशि के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। कंपनी ने निर्णय लिया है कि सूचना सही पाए जाने और अंतिम निर्धारण आदेश (Final Assessment Order) जारी होने के तुरंत बाद सूचनाकर्ता को कुल 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि में से 5 प्रतिशत राशि का भुगतान तत्काल कर दिया जाएगा। शेष 5 प्रतिशत राशि की

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Published On :

अप्रैल 30, 2026

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भोपाल 

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली चोरी की रोकथाम के लिए चलाई जा रही 'पारितोषिक योजना' को अब और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया  गया है। योजना के संशोधित प्रावधानों के अनुसार, बिजली के अवैध उपयोग की सटीक सूचना देने वाले सूचनाकर्ताओं को अब प्रोत्साहन राशि के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। कंपनी ने निर्णय लिया है कि सूचना सही पाए जाने और अंतिम निर्धारण आदेश (Final Assessment Order) जारी होने के तुरंत बाद सूचनाकर्ता को कुल 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि में से 5 प्रतिशत राशि का भुगतान तत्काल कर दिया जाएगा। शेष 5 प्रतिशत राशि की अदायगी आरोपी से राशि की पूर्ण वसूली होने के उपरांत की जाएगी।

सफल क्रियान्वयन: सीधे बैंक खाते में पहुंची राशि

मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा चलाई जा रही 'पारितोषिक योजना' की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 204 प्रकरणों में सफल सूचनाकर्ताओं को 5.05 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इसके अलावा, जांच और वसूली की कार्यवाही करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी उनके मासिक वेतन के साथ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा इस योजना के दायरे को बढ़ाते हुए नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी सूचनाकर्ता के रूप में शामिल किया गया है। सूचना सही पाए जाने और पूर्ण वसूली होने पर इन कर्मचारियों को एक प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही, जांच एवं वसूली कार्य में शामिल विभागीय अधिकारियों सहित बाह्य स्रोत (Outsource) कर्मचारियों के महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए उन्हें भी 2.5 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि समान रूप से वितरित की जा रही है।

पूर्ण गोपनीयता और ऑनलाइन प्रक्रिया

मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सूचनाकर्ता की पहचान और भुगतान से जुड़ी पूरी प्रक्रिया पूर्णतः गोपनीय और ऑनलाइन रखी गई है। योजना का लाभ लेने के लिए सूचनाकर्ता को कंपनी के पोर्टल portal.mpcz.in पर informer scheme लिंक पर जाकर अथवा उपाय के माध्‍यम से बिजली चोरी की सूचना देनी होगी और दिए गए प्रारूप में अपना बैंक खाता विवरण और पहचान पत्र (जैसे पैन कार्ड या अन्य अधिकृत आईडी) देना अनिवार्य होगा।  कंपनी ने बताया है कि योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि सीधे कंपनी मुख्यालय से सूचनाकर्ता के खाते में भेजी जा रही है। क्षेत्रीय वृत्त स्तर पर प्राप्त होने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए मुख्यालय स्तर से इसकी सतत निगरानी भी की जा रही है, ताकि बिजली चोरी रोकने के अभियान को और गति मिल सके। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा समस्त नागरिकों के साथ साथ आउटसोर्स कर्मचारियों तथा उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे गुप्त सूचना देकर, पारितोषिक योजना का लाभ उठाकर कंपनी को सहयोग प्रदान अवश्य करें।

 

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