परिवार को बिना बताए इमरान खान को अस्पताल में किया शिफ्ट

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने आरोप लगाया कि इमरान को जेल से गुप्त रूप से अस्पताल में भेजा जा रहा है। पार्टी का दावा है कि इस कदम से उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और उनकी जान को खतरा पैदा हो सकता है। इमरान खान की फैमिली को इस ट्रांसफर के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। पीटीआई ने मांग की है कि कोई भी मेडिकल जांच या इलाज उनके निजी डॉक्टरों की मौजूदगी में और कम से

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Published On :

फ़रवरी 15, 2026

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इस्लामाबाद.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने आरोप लगाया कि इमरान को जेल से गुप्त रूप से अस्पताल में भेजा जा रहा है। पार्टी का दावा है कि इस कदम से उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और उनकी जान को खतरा पैदा हो सकता है।

इमरान खान की फैमिली को इस ट्रांसफर के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। पीटीआई ने मांग की है कि कोई भी मेडिकल जांच या इलाज उनके निजी डॉक्टरों की मौजूदगी में और कम से कम एक परिवार के सदस्य के साथ होना चाहिए। जेल नियमों के अनुसार भी परिवार और डॉक्टरों को पहले सूचित करना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इमरान खान 73 वर्ष के हैं। वह अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें लाहौर में उनके घर से गिरफ्तार किया गया था और भ्रष्टाचार के आरोपों में अदियाला जेल में रखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेल में रहते हुए उनकी सेहत बिगड़ गई है, खासकर दाहिने आंख में लगभग 85 प्रतिशत विजन लॉस हो चुका है। परिवार और लीगल टीम का आरोप है कि जेल अथॉरिटीज ने उन्हें उचित मेडिकल केयर नहीं दिया, जिससे यह स्थिति बनी। जनवरी 2026 के अंत में उन्हें आंख की समस्या के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां एक छोटी प्रक्रिया हुई, लेकिन फैमिली को पहले सूचित नहीं किया गया था।

पीटीआई ने लगाए गंभीर आरोप
पीटीआई ने बयान जारी कर गंभीर चिंता जताई है कि इमरान खान को बिना परिवार की जानकारी के अस्पताल शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है। पार्टी ने कहा, 'ऐसा कदम मौलिक मानवाधिकारों और कानूनी प्रावधानों का खुला उल्लंघन है।' उन्होंने इसे इमरान खान की सेहत और जान के साथ छेड़छाड़ करार दिया और इलाज में देरी को अमानवीय बताया। पार्टी ने तत्काल इलाज शुरू करने की मांग की है, बिना किसी समझौते के। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने भी विजन लॉस की रिपोर्ट्स पर ध्यान देते हुए मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया है, ताकि उनकी आंखों की जांच हो सके।

इमरान खान की सेहत को लेकर गरमाई राजनीति
इस मुद्दे पर राजनीतिक विरोध बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को पाकिस्तान के विपक्षी गठबंधन ने संसद के पास धरना दिया और इमरान खान को तुरंत अल-शिफा अस्पताल में भर्ती करने की मांग की। प्रदर्शनकारी तब तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं। सरकार की ओर से जानकारी मंत्री ने कहा कि इमरान खान को स्पेशलाइज्ड आंखों के इलाज के लिए ले जाया जा रहा है और स्पेकुलेशन से बचने की अपील की है। हालांकि, परिवार और पीटीआई का कहना है कि बिना उनकी सहमति के कोई कदम नहीं उठाया जाए। यह घटनाक्रम पाकिस्तान की राजनीति में तनाव को और बढ़ा रहा है।

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