Imran Khan Eye Surgery: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को मंगलवार को एक महत्वपूर्ण चिकित्सीय राहत मिली। लंबे समय से आंखों की समस्या से जूझ रहे खान को रावलपिंडी की अडियाला जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया। प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को अत्यंत गोपनीय और सुरक्षित रखने के लिए विशेष प्रोटोकॉल का पालन किया। जेल अधिकारियों के अनुसार, खान की सेहत को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चेकअप और सर्जरी के लिए अस्पताल भेजा गया था।
सुरक्षा का अभेद्य किला: 15 गाड़ियों का काफिला और सिग्नल जैमर
इमरान खान का जेल से अस्पताल तक का मूवमेंट किसी बड़े सैन्य अभियान जैसा नजर आया। उन्हें अस्पताल पहुँचाने के लिए 15 हाई-प्रोफाइल वाहनों के काफिले का उपयोग किया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काफिले में तीन सिग्नल जैमर लगाए गए थे ताकि किसी भी प्रकार के रिमोट कंट्रोल डिवाइस या संचार का उपयोग न किया जा सके। इस्लामाबाद की सड़कों पर भारी पुलिस बल तैनात था और पीटीआई समर्थकों की संभावित भीड़ को रोकने के लिए काफिला सुबह के वक्त ही अस्पताल पहुँचाया गया। अस्पताल परिसर के चारों ओर भी सुरक्षा का घेरा इतना सख्त था कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
आंखों की विशेष सर्जरी: एंटी-वीईजीएफ इंजेक्शन और डे-केयर प्रक्रिया
पिम्स अस्पताल के नेत्र विज्ञान विभाग में विशेषज्ञों की एक विशेष टीम ने इमरान खान की जांच की। डॉक्टरों ने उनकी आंख में उम्र या मधुमेह संबंधी जटिलताओं के कारण होने वाली दृष्टि हानि को रोकने के लिए ‘एंटी-वीईजीएफ इंट्राविट्रियल’ (Anti-VEGF intravitreal) इंजेक्शन लगाया। अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की है कि यह एक डे-केयर सर्जरी थी, जिसे सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य उनकी दृष्टि में सुधार करना और आंखों के भीतर होने वाली तरल रिसाव की समस्या को नियंत्रित करना था।
विस्तृत मेडिकल बोर्ड: ईसीजी और कार्डियोलॉजी जांच के बाद मिली अनुमति
आंख की सर्जरी से पहले डॉक्टरों ने किसी भी प्रकार के जोखिम को कम करने के लिए इमरान खान का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया। एक उच्च स्तरीय मेडिकल बोर्ड गठित किया गया था, जिसमें प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट और जनरल फिजिशियन शामिल थे। इस दौरान खान की ईसीजी (ECG) और इकोकार्डियोग्राफी जैसी आवश्यक हृदय संबंधी जांचें की गईं। जब मेडिकल बोर्ड ने उन्हें शारीरिक रूप से पूरी तरह स्थिर और ‘फिट’ घोषित किया, तभी नेत्र विशेषज्ञों ने अपनी प्रक्रिया शुरू की। बोर्ड की रिपोर्ट में उनके रक्तचाप और हृदय गति को सामान्य पाया गया।
वापस अडियाला जेल रवानगी: फॉलो-अप और पोस्ट-ऑपरेटिव निर्देश
सर्जरी के बाद इमरान खान को कुछ घंटों तक अस्पताल के रिकवरी रूम में डॉक्टरों की निरंतर निगरानी में रखा गया। जब यह सुनिश्चित हो गया कि उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है और कोई साइड-इफेक्ट नहीं है, तो उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने उन्हें आंखों की सुरक्षा के लिए विशेष चश्मा पहनने, दवाओं का समय पर सेवन करने और धूल-धूप से बचने जैसे कड़े निर्देश दिए हैं। इसके बाद उन्हें फिर से उसी भारी सुरक्षा घेरे में वापस अडियाला जेल भेज दिया गया, जहाँ जेल के डॉक्टर उनकी रिकवरी पर नजर रखेंगे।
सियासी हलचल: पीटीआई समर्थकों की चिंता और सरकार का रुख
इमरान खान के इस मेडिकल मूवमेंट ने पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। पीटीआई के वकीलों और नेताओं ने सरकार से मांग की है कि खान की सेहत से जुड़े मेडिकल बुलेटिन नियमित रूप से जारी किए जाएं। समर्थकों के बीच उनकी सेहत को लेकर गहरी चिंता देखी गई, जिसे देखते हुए अस्पताल के बाहर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई थी। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे एक आवश्यक मानवीय कदम बताया है, जबकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि कानून के दायरे में रहकर खान को सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
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