Imran Khan Eye Health: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख इमरान खान के प्रशंसकों और परिवार के लिए जेल से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद 73 वर्षीय इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट में एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की गई है। इस रिपोर्ट के खुलासों ने न केवल पाकिस्तान की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खान की एक आंख की रोशनी लगभग खत्म होने के कगार पर है और उनकी शारीरिक स्थिति तेजी से बिगड़ रही है।
दृष्टि केवल 15 प्रतिशत शेष: न्यायमित्र की रिपोर्ट ने किया बड़ा खुलासा
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वरिष्ठ वकील सलमान सफदर को न्यायमित्र (Amicus Curiae) के रूप में इमरान खान के स्वास्थ्य की समीक्षा के लिए जेल भेजा गया था। सफदर ने अदालत को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में चौंकाने वाली जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इमरान खान की दाहिनी आंख की दृष्टि अब केवल 15 प्रतिशत ही बची है। रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक खान का स्वास्थ्य स्थिर था, लेकिन उसके बाद उनकी दाहिनी आंख की रोशनी में अचानक और भारी गिरावट देखी गई। वकील ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे अपनी दोनों आंखों की रोशनी पूरी तरह खो सकते हैं।
सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन: क्या है इस गंभीर बीमारी का कारण?
इमरान खान की पार्टी PTI के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री ‘सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन’ (CRVO) नामक एक गंभीर स्थिति से जूझ रहे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें रेटिना की नसों में रक्त का थक्का जम जाता है, जिससे आंखों के भीतर रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है।यह रुकावट नसों में सूजन और रेटिना को स्थायी नुकसान पहुँचा सकती है। यद्यपि सरकार की ओर से दावा किया गया है कि उन्हें आवश्यक उपचार दिया गया है, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट और खान के वकील इस दावे को खारिज कर रहे हैं। उनका मानना है कि जेल की परिस्थितियों और समय पर इलाज न मिलने के कारण यह समस्या लाइलाज होने की ओर बढ़ रही है।
सुप्रीम कोर्ट का कड़ा निर्देश: 16 फरवरी तक विशेष डॉक्टरों की टीम भेजने का आदेश
इमरान खान के गिरते स्वास्थ्य पर कड़ा संज्ञान लेते हुए पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को सख्त लहजे में निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने आदेश दिया है कि 16 फरवरी 2026 से पहले देश के सर्वश्रेष्ठ डॉक्टरों की एक विशेष टीम अडियाला जेल भेजी जाए। यह टीम न केवल खान की आंखों की जांच करेगी, बल्कि उनके संपूर्ण स्वास्थ्य का मूल्यांकन कर विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश करेगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मानवीय आधार पर बेटों से बात करने की अनुमति: भावनात्मक राहत
स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच, सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मानवीय निर्णय भी लिया है। अदालत ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि इमरान खान को उनके दोनों बेटों (सुलेमान और कासिम) से फोन पर बातचीत करने की अनुमति दी जाए। काफी समय से खान के वकील यह मांग कर रहे थे कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री को अपने परिवार से संपर्क करने दिया जाए। अदालत का यह फैसला उनके समर्थकों के लिए एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है।
मई 2023 से सलाखों के पीछे: भ्रष्टाचार और उकसाने के संगीन आरोप
इमरान खान मई 2023 से लगातार जेल में बंद हैं। उन पर भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों (जैसे तोशाखाना केस) से लेकर सेना के खिलाफ जनता को भड़काने जैसे कई गंभीर आरोप लगे हैं। जेल में रहने के दौरान उनके वजन में गिरावट और अब आंखों की रोशनी जाने की खबरों ने पाकिस्तान के भीतर राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। अब पूरी दुनिया की नजरें 16 फरवरी की समय सीमा पर हैं, जब मेडिकल टीम उनके भविष्य के इलाज की दिशा तय करेगी।
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