पीएम मोदी-अमित शाह की मौजूदगी में सरकार की अहम रणनीति बैठक

नई दिल्ली पश्चिमी एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच नई दिल्ली में सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल और सीडीएस अनिल चौहान के साथ बैठक की। कुछ देर बाद प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बैठक में पहुंचे। इससे पहले, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिमी एशिया के हालातों पर संसद के दोनों सदन (लोकसभा और राज्यसभा) में वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में बदलते हालात पर करीब से नजर

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Published On :

मार्च 9, 2026

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नई दिल्ली
पश्चिमी एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच नई दिल्ली में सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल और सीडीएस अनिल चौहान के साथ बैठक की। कुछ देर बाद प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बैठक में पहुंचे। इससे पहले, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिमी एशिया के हालातों पर संसद के दोनों सदन (लोकसभा और राज्यसभा) में वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में बदलते हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। गल्फ देशों में भारी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं। ताजा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत लाने का ऑपरेशन तेजी से जारी है।

उन्होंने कहा, "सरकार इस समय भारतीय नागरिकों को सपोर्ट करने के लिए प्रतिबद्ध है। लगभग 67,000 नागरिकों की सुरक्षित वापसी हुई है। आगे भी पश्चिमी एशिया से लोगों को वापस लाने की पूरी कोशिश की जा रही है।" जयशंकर ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं, इसलिए यह लड़ाई भारत के लिए खास चिंता की बात है। उन्होंने बताया, "हालात की गंभीरता को देखते हुए 1 मार्च को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट सुरक्षा समिति (सीसीएस) की मीटिंग हुई। इसमें ईरान में हुए एयरस्ट्राइक और उसके बाद कई खाड़ी देशों में हुए हमलों के बारे में जानकारी दी गई। सीसीएस इस इलाके में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंतित थी। इसने इलाके की सुरक्षा और आर्थिक और कमर्शियल गतिविधियों पर पड़ने वाले असर पर भी ध्यान दिया।"

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विदेश मंत्री ने कहा, "लड़ाई लगातार बढ़ रही है और इलाके में सुरक्षा की हालत काफी खराब हो गई है। हमने देखा है कि असल में, लड़ाई दूसरे देशों में भी फैल गई है और तबाही और मौतें बढ़ रही हैं। पूरे इलाके में सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियों पर साफ असर पड़ा है और कुछ मामलों में तो रुक भी गई हैं। इसलिए हमने 3 मार्च को बातचीत और डिप्लोमेसी की अपनी अपील दोहराई और लड़ाई को जल्द खत्म करने की बात कही। मुझे यकीन है कि पूरा सदन भी जानमाल के नुकसान पर दुख जताने में मेरे साथ है।"

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